मंदिर का गेट खोलवाने दबंगई पर उतरे जदयू विधायक गोपाल मंडल, सरकारी निर्देश तोड़कर निकाली कांवर यात्रा

गोपालपुर विधानसभा के जदयू विधायक गोपाल मंडल एक बार फिर विवादों में हैं. श्रावण मास की पहली सोमवारी पर कांवर यात्रा करके मंदिर पहुंचे जेडीयू विधायक ने मंदिर का गेट नहीं खोले जाने पर हंगामा खड़ा कर दिया.
भागलपुर जिले के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के जदयू विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वह बंदिश के बावजूद मंदिर में पूजा करने के लिए वह चर्चा में आये हैं. दरअसल,राज्य सरकार व प्रशासन ने लॉकडाउन के नियमों की कड़ाई से पालन कराने के लिए मंदिर में पूजा पर रोक लगा रखी है, पर दूसरी ओर जदयू के विधायक गोपाल मंडल ने सभी नियमों को ताक पर रख कर मंदिर में घुस कर पूजा करने को ले दबंगई दिखायी.
ज्ञात हो कि सावन की पहली सोमवारी पर विधायक अपने समर्थकों के साथ कांवर लेकर शाम में बूढ़ानाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंचे. वहां पर मंदिर का दरवाजा बंद देखकर वह नाराज हो गये और मंदिर के अंदर जाने की जिद करने लगे. उन्होंने मंदिर के लोहे के गेट को काफी देर तक धक्का भी दिया. इस पर जब गेट नहीं खुला तो विधायक ने मुख्य दरवाजा खोलने के लिए कहते हुए मंदिर प्रबंधन के लोगों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें धमकी भी दी. हंगामे की सूचना पाकर पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया. करीब एक घंटे तक चले हाइटेक ड्रामा के बाद विधायक ने बूढ़ानाथ मंदिर के सामने स्थित दूसरे मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक किया. सनद रहे मई महीने में भी विधायक ने नवगछिया रेलवे स्टेशन के पास कंटेनमेंट जोन की धज्जियां उड़ाते हुए अपनी गाड़ी पार करने के लिए बांस-बल्ले की बैरीकेडिंग तोड़ दी थी.
हंगामे के बाद विधायक गोपाल मंडल ने कहा कि वह विधायक हैं. उनकी पत्नी दो बार जिला परिषद अध्यक्ष रह चुकी हैं. इसलिए उन्होंने सोचा कि उनके लिए गेट खोल दिया जायेगा. उनका कहना था कि अगर कोई बदमाश आता तो गेट खोल दिया गया होता. भले लोगों को परेशान किया जाता है. मंदिर प्रबंधन पैसे लेकर पिछले दरवाजे से लोगों को अंदर घुसा रहा है. उन्होंने कहा कि बरारी घाट से जलभर कर पैदल बूढ़ानाथ मंदिर पहुंचे. काफी गिड़गिड़ाने के बाद भी थाने के जमादार रौब और तैश में आकर बात करने लगे. अगर हम पूजा पर और भूखे नहीं रहते तो उनकी तैशगिरी तुरंत निकाल देते.
विधायक ने कहा कि भारत संतों व किसानों का देश है. हम भगवान शंकर को कहने आये थे, कि आप तीनों नेत्र बंद कर लिये हैं. कोरोना काल में लोग मर रहे हैं, आप फाटक बंद करके बैठे हुए हैं. सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए मंदिरों के पट व द्वार बंद कर रखा है. पूजा करने से मन में शांति आती है. हम बोल-बम करते हुए आए हैं. उन्होंने कहा कि भगवान से मांगा कि हम पूरे देश पर शासन करें और विश्व पर राजनीति करें. विधायक गोपाल मंडल ने खुद की प्रशंसा करते हुए कहा कि जितना टैलेंट उनमें है, उतना किसी में नहीं. 19 बार चुनाव लड़ चुके हैं. राजनीतिक गुणाभाग की जानकारी उन्हें ज्यादा है. लोग कुर्सी के लिए राजनीति करते हैं, पर वह पब्लिक के लिए मरते हैं.
विधायक गोपाल मंडल ने कहा कि कांवर यात्रा व मंदिर के पट को बंद करना अच्छी बात है. उन्होंने कहा कि साधु संतों के लिए मंदिर का दरवाजा खोल देना चाहिए. मंदिर में एमएलए आया था, दरवाजा खोल देना चाहिए. दारोगा ने कहा कि दरवाजा खुलावा देंगे, लेकिन एक सिपाही आकर विवाद करने लगा. पुलिस से पटरी हमको नहीं बैठता है. पूजा करने के लिए आये थे तो मैंने खोलने का आग्रह किया.
विधायक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मंदिर ठीक बंद किया गया है. इस पर जब पूछा गया कि वह क्यों आये हैं तो कहा कि वह मंदिर के अंदर पत्रकारों से बात कर चले जाते.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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