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bhagalpur news.गंगा नदी में नहाने के क्रम में चार बच्चे डूबे, दो की मौत

Updated at : 22 Oct 2025 12:20 AM (IST)
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bhagalpur news.गंगा नदी में नहाने के क्रम में चार बच्चे डूबे, दो की मौत

बरारी थाना क्षेत्र के मायागंज घाट पर दीपावली के दिन सोमवार को गंगा नदी में नहाने के क्रम में चार बच्चे डूब गये

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बरारी थाना क्षेत्र के मायागंज घाट पर दीपावली के दिन सोमवार को गंगा नदी में नहाने के क्रम में चार बच्चे डूब गये. स्थानीय लोगों और परिजनों द्वारा आनन-फानन में चारों को नदी से बाहर निकाला, जिसमें दो की मौत हो गयी. वहीं दो बच्चे स्थानीय स्तर पर उपचार के बाद ठीक हो गये. मृतकों में बरारी के कुप्पा घाट रोड मुस्तफापुर निवासी मो टिंकू की पुत्री दस वर्षीय नाजमा खातून उर्फ गुलाबो और स्व. मुर्तुजा के पुत्र दस वर्षीय शमी अहमद है. सुरक्षित निकाल लिये गये बच्चों में मो टिंकू के दो बच्चे सकीना और नाजदा है. सकीना गुलाबो की जुड़वा बहन है. घटना के बाद मौके पर पहुंची बरारी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया है. घटना की प्राथमिकी बरारी थाने में दर्ज कर ली गयी है. बीबी अफसाना ने बताया कि सभी बच्चे सुबह ट्यूशन पढ़ने गये थे. वहां से लौटने के बच्चों को जानकारी मिली कि मो टिंकू गंगा स्नान करने जा रहे हैं. घर के चारों बच्चे उसके साथ हो लिये. टिंकू घाट पर पहुंचे भी नहीं थे कि बच्चे गंगा घाट पर पहुंच कर नहाने लगे. फिलहाल गंगा नदी का जल स्तर ज्यादा है. नदी में उतरते ही कम से उपर पानी हो जाता है. चारों बच्चे नदी में सीधे कूद गये थे. कूदने के साथ ही डूबने लगे. घाट पर मौजूद लोगों द्वारा हल्ला किये जाने के बाद पहुंचे स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और दो बच्चों की मौत हो गयी थी. दोनों बच्चे प्राथमिक विद्यालय मायागंज के छात्र थे. छह माह पहले हुई थी अफसाना के पति की मौत इसी वर्ष 27 अप्रैल को मो मुर्तुजा की मौत मोहल्ले में ही एक निर्माणाधीन नाले में गिर कर हो गयी थी. इस सदमें से अफसाना उबर भी नहीं पायी थी कि इकलौता पुत्र मो शमी उससे छिन गया. अफसाना ने कहा कि उसे तीन पुत्रियों पर एक ही पुत्र था. जब तक पति जिंदा थे, तब तक उसे गृहस्थी चलाने की चिंता नहीं थी, पति की मौत के बाद पुत्र से उम्मीद थी. इस कारण वह इन दिनों दूसरे के घरों में चौका-चूल्हा कर तीन पुत्रियों और एक पुत्र का भरण पोषण कर रही थी. वह अपने चारों बच्चों को पढ़ा भी रही थी. शमी की तीन बड़ी बहनें मेहर खातून, शबाना खातून, मजबून निशा का भी रो-रो कर बुरा हाल है. स्थानीय लोगों ने बताया कि पति की मौत के बाद से ही अफसाना आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रही है, लेकिन अब तक उसे किसी तरह की प्रशासनिक या सरकारी सहायता नहीं मिली है. खामोश हो गयी हैं जुड़वा बहन सकीना गुलाबों की जुड़वा बहन थी. इस कारण दोनों जहां भी रहती थी, साथ साथ रहती थी. सकीना पूरी तरह से खामोश हो गयी है. जब भी उससे घटना के बारे में कुछ पूछा जाता है तो उसके आंखों से आंसू बहने लगते हैं. बड़ी बहन नाजदा, मां मरजीना और पिता मो टिंकू का रो-रोकर बुरा हाल है. मालूम हो कि दोनों मृत बच्चे आपस में चचेरे भाई-बहन हैं. दोनों के दादा मो रज्जाक और दादी बीबी शाहजादी भी सदमें में हैं. रज्जाक ने बताया कि पहले पुत्र चला गया और अब पोता और पोती, यह उसके लिए र्दुभाग्य है. मोहल्ले के लोगों ने पीड़ित परिवारों को जल्द मुआवजा देने की मांग सरकार और प्रशासन से की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ATUL KUMAR

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