कहलगांव एनटीपीसी और बांका पावर ग्रिड की ट्रांसमिशन लाइन एक साथ फेल, बिजली ब्लैकआउट

Published at :11 Aug 2024 12:59 AM (IST)
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कहलगांव एनटीपीसी और बांका पावर ग्रिड की ट्रांसमिशन लाइन एक साथ फेल, बिजली ब्लैकआउट

शनिवार को सबौर ग्रिड की बिजली फेल होने का असर पूरे शहर पर पड़ा. करीब डेढ़ घंटे तक बिजली ब्लैकआउट रही.

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-डेढ़ घंटे के बाद बांका पावर ग्रिड से मिला क्लियरेंस, तो बिजली लेकर शहर को की आपूर्ति-एनटीसीपीसी से बिजली आने पर किया लोड एडजस्ट और दूर ही आपूर्ति की समस्या-लंबी कटौती के बाद शहर के फीडरों का बढ़ा लोड, रात 10 बजे तक बनी रही ट्रिपिंग की समस्यावरीय संवाददाता, भागलपुरशनिवार को सबौर ग्रिड की बिजली फेल होने का असर पूरे शहर पर पड़ा. करीब डेढ़ घंटे तक बिजली ब्लैकआउट रही. सबौर ग्रिड को बिजली दो सोर्स से मिलती है, जिसमें एक कहलगांव एनटीपीसी है, तो दूसरा बांका पावर ग्रिड. शाम में करीब शाम पांच बजे दोनों सोर्स की लाइन (1.32 लाख वोल्ट) एक साथ फेल कर गयी. इस वजह से शहर की भी बिजली ठप हो गयी. हालांकि, डेढ़ घंटे के बाद सबौर ग्रिड को बिजली लेने का ग्रीन सिग्नल मिला, तो उन्होंने अपने एक्यूपमेंट की जांच-पड़ताल कर कहलगांव एनटीपीसी से बिजली लेनी शुरू कर दी. इसके बाद शहर की आपूर्ति बहाल हो सकी. इस बीच शहरी क्षेत्र के सभी पावर सब स्टेशन बंद पड़े रहे. बरारी, सेंट्रल जेल, मायागंज, मेडिकल कॉलेज, टीटीसी, सिविल सर्जन, अलीगंज-1 2, मोजाहिदपुर पावर हाउस के बंद हो जाने से इसके सभी दो दर्जन से अधिक फीडर की आपूर्ति शून्य रही. ट्रांसमिशन विभाग अधीक्षण अभियंता ने बताया कि एनटीपीसी कहलगांव और बांका पावर ग्रिड दोनों की बिजली फेल कर गयी थी. सवा घंटे के बाद बांका पावर ग्रिड से क्लियरेंस मिला, तो बिजली लेकर शहर के सभी 33 हजार वोल्ट की मेन लाइन को चालू करा दिया गया. बाद में कहलगांव एनटीपीसी की बिजली आयी, तो लोड एजस्ट कर दिया गया. एनटीपीसी से फुललोड बिजली मिल रही है. रात नौ बजे 80 मेगावाट बिजली की खपत हो रही थी.

लंबी कटौती के बाद ट्रिपिंग की बनी समस्या, आती-जाती बिजली से परेशान रहे लोग

ग्रिड से फुल लोड बिजली मिलने के बाद उपकेंद्रों से एक-एक कर फीडरों को चालू की गयी, तो लंबी कटौती की वजह से बिजली का लोड बढ़ गया. ओवरलोड की वजह से लाइन ट्रिप करने लगा. दरअसल, जब बिजली चालू हुई, तो फीडर बिजली का लोड लेने की स्थिति में नहीं रहा. इससे फीडर की लाइन बार-बार ट्रिप करने लगा. इस वजह से हर पांच मिनट पर आती-जाती रही. इस कारण से कई जगहों में फेज उड़ने और लाइन में फाॅल्ट की समस्या खड़ी हो गयी. लोड की वजह से मायागंज उपकेंद्र के फीडरों को रोटेशन पर बिजली आपूर्ति की गयी. फीडरवार 30 मिनट से एक घंटे के रोटेशन पर बिजली आपूर्ति की गयी. यह सिलसिला रात के 10 बजे तक बनी रही. कई इलाके के लोगों को चार घंटे से अधिक देर के लिए बिजली संकट का सामना करना पड़ा.

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