आंगनबाड़ी से लेकर डिग्री कॉलेज तक की पढ़ाई एक ही परिसर में, गोपालपुर का विद्यालय बना मिसाल

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आंगनबाड़ी से लेकर डिग्री कॉलेज तक की पढ़ाई एक ही परिसर में, गोपालपुर का विद्यालय बना मिसाल

समग्र शिक्षा परिसर की सांकेतिक तस्वीर.

Education Hub: गोपालपुर का लालजी मध्य विद्यालय परिसर बना शिक्षा का अनोखा केंद्र, जहां आंगनबाड़ी से लेकर डिग्री कॉलेज तक की पढ़ाई एक ही कैंपस में हो रही है.

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गोपालपुर (भागलपुर) से विपिन ठाकुर की रिपोर्ट

Education Hub: भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड का लालजी मध्य विद्यालय परिसर इन दिनों अपनी अनूठी शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा में है. यहां एक ही परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र से लेकर डिग्री कॉलेज तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं. यही वजह है कि यह परिसर क्षेत्र का एक विशिष्ट और बहुस्तरीय शैक्षणिक केंद्र बन गया है.

Education Hub: एक कैंपस में शिक्षा के पांच पड़ाव

श्रीलाल जी उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, गोपालपुर.

लालजी मध्य विद्यालय परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र, कन्या प्राथमिक विद्यालय, मध्य विद्यालय, उच्च माध्यमिक विद्यालय और नवसृजित राजकीय डिग्री कॉलेज संचालित हो रहे हैं. सुबह होते ही परिसर में छोटे बच्चों की किलकारियों से लेकर युवाओं की शैक्षणिक गतिविधियों तक का अनोखा संगम देखने को मिलता है.

छोटे बच्चों से लेकर स्नातक छात्रों तक की चहल-पहल

इस परिसर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां आंगनबाड़ी के नन्हें बच्चों से लेकर स्नातक स्तर तक के छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. सुबह से शाम तक परिसर में विभिन्न आयु वर्ग के विद्यार्थियों की मौजूदगी इसे एक जीवंत शैक्षणिक वातावरण प्रदान करती है.

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अभिभावकों को भी मिल रही बड़ी सुविधा

एक ही परिसर में विभिन्न स्तर की पढ़ाई होने से अभिभावकों को भी काफी सुविधा मिल रही है. परिवार के अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों को अलग-अलग स्थानों पर भेजने की जरूरत नहीं पड़ती और एक ही जगह पर उनकी पढ़ाई सुनिश्चित हो जाती है.

सुविधाओं के साथ चुनौतियां भी मौजूद

हालांकि, एक ही परिसर में कई शिक्षण संस्थानों के संचालन के कारण जगह की कमी, भीड़भाड़, शोर-शराबा और संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं. हालांकि आंगनबाड़ी केंद्र, कन्या प्राथमिक विद्यालय, मध्य विद्यालय और उच्च माध्यमिक विद्यालय के अपने-अपने भवन हैं, लेकिन नवसृजित राजकीय डिग्री कॉलेज फिलहाल उच्च माध्यमिक विद्यालय के कमरों में संचालित किया जा रहा है.

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डिग्री कॉलेज के लिए जमीन की तलाश जारी

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इस परिसर का समुचित विकास किया जाए और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो यह क्षेत्र के लिए एक आदर्श शैक्षणिक मॉडल बन सकता है. वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार राजकीय डिग्री कॉलेज के लिए पांच एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है. जमीन उपलब्ध होते ही भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

शिक्षा व्यवस्था का बन सकता है मॉडल

ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के विभिन्न स्तरों को एक ही परिसर में संचालित करने वाला यह मॉडल आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है. यदि आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया, तो गोपालपुर का यह परिसर शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर सकता है.

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Vipin Thakur

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