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Bhagalpur News. डीएम ने कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने का भरोसा दिया

Updated at : 08 Dec 2025 10:29 PM (IST)
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Bhagalpur News. डीएम ने कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने का भरोसा दिया

कृषि यंत्रीकरण मेला का भागलपुर में आयोजन.

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– कृषि भवन परिसर में दो दिवसीय जिलास्तरीय कृषि यंत्रीकरण मेला शुरूकृषि भवन परिसर में सोमवार से दो दिवसीय जिलास्तरीय कृषि यंत्रीकरण मेला शुरू हुआ. विभिन्न प्रखंडों से किसानों ने परमिट के आधार पर कृषि यंत्राें की खरीददारी की. कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया. मेले में विभिन्न इलाके से विक्रेता पहुंचे हैं. मेला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने का भरोसा दिया. जिला कृषि पदाधिकारी ने भी किसानाें को खेती करने के लिए प्रेरित किया. मंच से किसान हित की सरकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गयी. मेले में लगी प्रदर्शनी को लेकर जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने बताया कि मेला में पहले दिन 11 थ्रेसर, 75 मेन्यूअल किट यानि (कुर्फी, कुदाल, कचिया), एक पेडी थ्रेसर, 5 इलेक्ट्रिक पंप सेट, 18 पावर स्प्रेयर, 4 तेल मिल, 5 पावर वीडर, 4 चाराकल, 2 आटा मील, एक ब्रश कटर और 2 राइस मिल की खरीददारी हुई. उन्होंने किसानों के बीच मेला को लेकर उत्साह देखते हुए कहा मंगलवार को किसानों की भारी भीड़ पहुंचने की उम्मीद है.

जानकारी के मुताबिक कृषि यंत्रीकरण योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मेकेनाइजेशन (एसएसएएम) योजना के तहत कुल 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान किया गया है. जिलाधिकारी ने बताया कि 21 नवंबर को ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से 1469 स्वीकृति पत्र निर्गत किए गए. जिले में कुल 3665 कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाना है. जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तरह अनुदान छोड़कर यंत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था नहीं है. स्वीकृति पत्र मिलने के बाद किसान को पूर्ण कीमत भुगतान कर पंजीकृत आपूर्तिकर्ता से यंत्र खरीदना होगा, जिसके सत्यापन के बाद अनुदान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान के खाते में भेजा जाएगा.

अनुदानित दर पर यंत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है. इसके साथ ही जिलाधिकारी ने बताया कि सभी थर्मल पावर प्लांटों को निर्देश दिया गया है कि वे अब 6–7% तक कोयले के स्थान पर कृषि अवशेष (एग्रीकल्चर वेस्ट) का उपयोग करें. किसान धान, गेहूं और मक्का का पराली/वेस्ट एनटीपीसी को उपलब्ध कराएंगे और इसके बदले उन्हें भुगतान किया जाएगा. इससे किसानों को अतिरिक्त आय होगी और खेतों में पराली जलाने की प्रवृत्ति में कमी आएगी.

सब्सिडी को लेकर किसानों में नाराजगी

कई यंत्रों पर सब्सिडी पर नहीं मिलने पर किसानों ने नाराजगी जताई. शाहकुंड के किसान भूदेव प्रसाद ने बताया कि वह थ्रेसर की खरीददारी के लिए आए थे.लेकिन दाम अधिक होने के कारण नहीं खरीद सके. इन्होंने बताया यदि सब्सिडी मिल जाती तो वह खरीद पाते. नाथनगर के किसान मनोज सिंह ने बताया कि उन्हें एक राइस मिल खरिदना था. आवेदन किए हुए किसानों को सरकार सब्सिडी देती है लेकिन मेले में ऐसी कोई सुविधा नहीं मिली. इसी तरह अनिरुद्ध प्रसाद दास व त्रिपुरारी सिंह सब्सिडी नहीं मिलने पर नाखुशी प्रदर्शित किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KALI KINKER MISHRA

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By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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