ePaper

bhagalpur news. मोहद्दीनगर दुर्गा स्थान में संतान प्राप्ति के लिए आते हैं श्रद्धालु

Updated at : 17 Sep 2025 12:54 AM (IST)
विज्ञापन
bhagalpur news. मोहद्दीनगर दुर्गा स्थान में संतान प्राप्ति के लिए आते हैं श्रद्धालु

मोहद्दीनगर दुर्गा स्थान अपनी आस्था, परंपरा और सामाजिक सहभागिता के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान बना चुका है

विज्ञापन

मोहद्दीनगर दुर्गा स्थान अपनी आस्था, परंपरा और सामाजिक सहभागिता के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान बना चुका है. मंदिर का इतिहास लगभग 110 वर्षों से अधिक पुराना माना जाता है. बताया जाता है कि 1952 के पहले यह मंदिर जमींदार कमल धारी लाल के अधीन था. संतान की प्राप्ति की कामना से माता के आदेश पर उन्होंने मंदिर का निर्माण कर पूजा प्रारंभ की. कुछ ही समय बाद उन्हें पुत्री हुई, जिसका नाम कल्याणी रखा गया. आज भी मंदिर के मुख्य द्वार पर “मां कल्याणी दरबार ” लिखा हुआ है.

जमींदारी प्रथा समाप्त होने के बाद यह मंदिर समाज को सौंपा गया. तब से पूजा-पाठ और आयोजन समाज के नेतृत्व में होते हैं. वर्तमान में समिति का नेतृत्व अध्यक्ष राकेश रंजन केसरी, सचिव प्रफुल्ल चंद सिंह तथा कोषाध्यक्ष भारत कुमार गुप्ता कर रहे हैं. हर वर्ष समिति का गठन कर नए सदस्य चुने जाते हैं. मंदिर की खासियत यह है कि यहां बलि नहीं दी जाती, बलि के स्थान पर कदीमा में सिंदूर और रसायन मिलाकर पूजा की जाती है. संतान प्राप्ति के लिए श्रद्धालु यहां पूरे विश्वास से पूजा करते हैं. ऐसे कई उदाहरण हैं जहां निःसंतान दंपति को यहां पूजा कर संतान सुख मिला. दुर्गा पूजा में प्रतिदिन एक पूजा से लेकर नवमी तक शाम 8 बजे महाआरती होती है. इसमें 108 दीप जलाकर चांदी के 12 थालों में भोग लगाया जाता है. आचार्य नवीन चंद्र झा एवं छह अन्य पंडित विधिवत पूजा कराते हैं. मोहद्दीनगर दुर्गा स्थान में वर्षभर एक बड़ा पर्व मनाया जाता है. डांडिया, नृत्य, संगीत और नाटक के कार्यक्रम यहां उत्साह से संपन्न होते हैं. षष्ठी पूजा को स्थानीय महिलाओं और बच्चियों द्वारा डांडिया का आयोजन किया जाता है. सप्तमी पूजा पर बाल कलाकारों द्वारा नृत्य-संगीत की प्रस्तुति होती है. अष्टमी पूजा में नित्यम डांस अकादमी और सारण्या नृत्य कला मंदिर के कलाकार रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं. नवमी पूजा को जगत जननी मां दुर्गा का भगवती जागरण का अयोजन होता है. इस वर्ष रुपेश केसरी और उनकी टीम जागरण का कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी. दुर्गा स्थान की शोभायात्रा पूरे भागलपुर में अपनी विशिष्टता के लिए प्रसिद्ध है. इसमें लगभग 200 बच्चियां डांडिया करती हैं, 300 महिलाएं भक्ति संगीत प्रस्तुत करती हैं और हजारों युवक पारंपरिक रथ को रस्सों से खींचते हुए गंगटी पोखर में विसर्जन करते हैं. शोभायात्रा सुबह 8 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलती है. मंदिर के पूजा समिति के अध्यक्ष राकेश रंजन केसरी उपाध्यक्ष, गणेश मालाकार, लाल शाह, दिलीप कुमार पाल, अशोक कुमार मोदी, राजेंद्र यादव, सचिव प्रफुल्ल चंद्र सिंह, संयुक्त सचिव शंकर प्रसाद गुप्ता, विजय कुमार शाह, सुदर्शन कुमार सिंह, अभिषेक कुमार बंटी, अमन ठाकुर, अंशु राज सिंह, राजेश कुमार लाल, भारत भूषण चौधरी, राजेश सिंह, अनिल कुमार शाह, अशोक कुमार शाह, कोषाध्यक्ष भारत कुमार गुप्ता उप कोषाध्यक्ष पृथ्वीचंद्र शाह, रवि कुमार हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ATUL KUMAR

लेखक के बारे में

By ATUL KUMAR

ATUL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन