युवाओं में हृदयाघात का सबसे बड़ा कारण है जीवनशैली में बदलाव

Published at :29 Sep 2024 10:06 PM (IST)
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युवाओं में हृदयाघात का सबसे बड़ा कारण है जीवनशैली में बदलाव

विश्व हृदय दिवस पर रविवार को जिला गैर संचारी रोग विभाग की ओर से स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम सह रैली का आयोजन हुआ.

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विश्व हृदय दिवस पर रविवार को जिला गैर संचारी रोग विभाग की ओर से स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम सह रैली का आयोजन हुआ. इसी क्रम में सभी अस्पतालों में नि:शुल्क चिकित्सा परामर्श पखवाड़ा का शुभारंभ हुआ. सदर अस्पताल परिसर से जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ पंकज कुमार मनस्वी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राजू कुमार ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया. जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ पंकज मनस्वी ने कहा कि हाल के वर्षों में हृदयाघात के मामले तेजी से बढ़े हैं. युवाओं में हो रहे हृदयाघात का सबसे बड़ा कारण जीवनशैली में बदलाव, खानपान व तनाव है. संयमित जीवन अपनायें और हृदयाघात से बचें. जीवन को खुशहाल एवं रोगमुक्त रखने के लिए रक्तचाप एवं मधुमेह की नियमित जांच कराने, नियमित व्यायाम करने, संतुलित आहार करने एवं तनाव मुक्त जीवन अपनाने, रक्त में नियमित रूप से कॉलेस्ट्रॉल की जांच कराने, तंबाकू सेवन नहीं करने, वजन की नियमित जांच कराने एवं स्वास्थ्य जांच कराने का सुझाव दिया.

उन्होंने कहा कि तनाव और ह्रदय रोग के बीच गहरा संबंध है. तनाव न केवल मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि यह हमारे ह्रदय के लिए भी बेहद हानिकारक हो सकता है. तनाव के चलते दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है. यह स्थिति कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकती है. तनाव के कारण शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है, जो दिल की धमनियों में जमकर ब्लॉकेज का कारण बन सकता है. डॉ राजू ने कहा कि रोजाना 30 मिनट नियमित व्यायाम तनाव को कम करने के साथ-साथ ह्रदय को भी स्वस्थ रखता है. तनावग्रस्त व्यक्ति अक्सर धूम्रपान, तंबाकू सेवन, शराब और अस्वास्थ्यकर भोजन की ओर आकर्षित हो जाता है, जो ह्रदय रोगों की संभावना को और बढ़ा देता है. तनाव कम करने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लें. साथ ही पर्याप्त नींद लेना तनाव को नियंत्रित करने और ह्रदय को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है.

परामर्श शिविर पखवाड़े का शुभारंभ किया गया. यह पांच अक्तूबर तक चलेगा. कार्यक्रम में डॉ मोजाहिर, हेल्थ एजुकेटर पंकज कुमार, माधव मिश्रा, लखवत योगी, आनंद कुमार, गणेश कुमार आदि का योगदान रहा.

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