नौकरी लगाने के नाम पर कैंसर पीड़िता से की 5.60 लाख की ठगी
Author Atul Kumar
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भागलपुर से ऋषव कृष्णा मिश्रा की रिपोर्ट नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. बांका के आदर्शनगर निवासी अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार सिंह की
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भागलपुर से ऋषव कृष्णा मिश्रा की रिपोर्ट
Job Scam: नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का गंभीर मामला सामने आया है. बांका की रहने वाली कैंसर पीड़िता सोनम भारती ने खुद को सीआईडी का डीएसपी बताने वाले मनोज वर्मा पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 5.60 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है. पीड़िता का कहना है कि न तो नौकरी मिली और न ही रुपये लौटाए गए. पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया. मामले की शिकायत डीआईजी विवेक कुमार से की गई है, जिन्होंने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
नौकरी का भरोसा देकर लाखों रुपये लेने का आरोप
सोनम भारती ने बताया कि वर्ष 2024 में उसकी मुलाकात मनोज वर्मा से हुई थी. उस समय वह नौकरी की तलाश कर रही थी. आरोप है कि मनोज वर्मा ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और अलग-अलग माध्यमों से कुल 5 लाख 60 हजार रुपये ले लिए. पीड़िता का दावा है कि उसके पास रुपये ट्रांसफर करने से जुड़े दस्तावेज भी मौजूद हैं. लंबे इंतजार के बावजूद न नौकरी मिली और न ही रकम वापस की गई.
Job Scam: कैंसर से जंग के बीच आर्थिक संकट और गहरा गया
पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2025 में उसे स्टेज-4 कैंसर होने का पता चला. वर्तमान में उसका इलाज कोलकाता में चल रहा है और अब तक 22 बार कीमोथेरेपी हो चुकी है. तलाकशुदा होने के कारण वह पहले से आर्थिक संकट से जूझ रही है. इलाज के लिए पैसों की जरूरत के बीच जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो पहले लगातार आश्वासन दिया गया और बाद में कथित तौर पर उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया गया.
जीरो एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
सोनम भारती के अनुसार, उसने पहले बांका थाना में शिकायत दर्ज कराई. वहां से जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला भागलपुर के इशाकचक थाना भेजा गया, लेकिन वहां भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. बाद में उसे फिर बांका भेज दिया गया. इससे निराश होकर उसने डीआईजी से पूरे मामले की शिकायत की है.
कथित आरोपी पर कई गंभीर आरोप
पीड़िता का आरोप है कि मनोज वर्मा वर्तमान में सीआईडी में पदस्थापित हैं. उसने यह भी आरोप लगाया कि उनके पास कई सिम कार्ड हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी नियुक्ति वर्ष 1989 में हुई थी और वे विभिन्न जिलों में सेवा दे चुके हैं. वर्ष 2022 में वे रोहतास में पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर कार्यरत थे.
‘बीमार महिला के साथ ठगी अमानवीय’
व्यवहार न्यायालय, भागलपुर के वरीय अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह ने कहा कि पीड़िता के साथ अन्याय हुआ है और उसे न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी. उन्होंने कहा कि एक ओर महिला गंभीर बीमारी से जूझ रही है और इलाज के लिए पैसों की जरूरत है, ऐसे में उसके साथ कथित ठगी किया जाना बेहद अमानवीय है.
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