भागलपुर बाइपास को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गयी है. नवगछिया जीरोमाइल से लेकर भागलपुर बाइपास के चौधरीडीह तक एनएच-131बी के विस्तार की योजना तैयार कर ली गयी है. इस संबंध में सड़क निर्माण की डीपीआर गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग के मुख्य अभियंता को भेज दी गयी है.
वर्तमान स्थिति में एनएच-131बी बरारी हाउसिंग बोर्ड मोड़ तक ही सीमित है. डीपीआर में प्रस्ताव रखा गया है कि एनएच-131 का जंक्शन चौधरीडीह के समीप एनएच-33 के पास विकसित किया जाये, जिससे दोनों राष्ट्रीय राजमार्ग आपस में सीधे जुड़ सके.
कॉरिडोर की लंबाई होगी 18 किलोमीटर
डीपीआर के अनुसार यह सड़क परियोजना दो चरणों में पूरी की जायेगी. इसमें एनएच-131बी को एनएच-31 और एनएच-33 के बीच एक लिंक रोड के रूप में विकसित किया जायेगा. विक्रमशिला सेतु को जोड़ते हुए इस पूरे कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 18 किलोमीटर होगी. राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के कार्यपालक अभियंता के अनुसार डीपीआर संबंधित प्राधिकरण को भेज दी गयी है और जैसे ही इसकी मंजूरी मिलती है, आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी.
यह हिस्सा पहले से ही फोरलेन में विकसित
एनएच-33 के अंतर्गत पुरानी सराय से चौधरीडीह तक लगभग 9.5 किलोमीटर लंबा बाइपास पहले ही फोरलेन के तौर पर विकसित किया जा चुका है. डीपीआर में यह भी स्पष्ट है कि चौधरीडीह से मौजूदा जीरोमाइल बाइपास तक का मार्ग अब एनएच-131बी के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग हो गया है. इस तरह यदि एनएच-131बी और एनएच-33 को आपस में जोड़ दिया जाता है, तो भागलपुर बाइपास का करीब 14 किलोमीटर हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में आ जायेगा. इसके बाद इस पूरे हिस्से का रखरखाव केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा किया जायेगा, जिससे सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है.
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