Bhagalpur. 1156.94 करोड़ की बुडको की योजनाएं फंड-ठेका में अटकी, कोई उद्घाटन के बाद भी ठप, ज्यादातर में एजेंसी बहाल नहीं

Published by : BRAJESH NANDAN MAD Updated At : 05 May 2026 8:32 AM

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भागलपुर सिटी में बुडको की कई महत्वपूर्ण योजनाएं वर्षों बाद भी अधूरी पड़ी हैं. जलापूर्ति योजना हो या सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), अधिकांश परियोजनाएं तय समय सीमा पार कर चुकी हैं, लेकिन अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं.

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भागलपुर से ब्रजेश माधुर्य की रिपोर्ट

Bhagalpur News :

भागलपुर सिटी में बुडको की कई महत्वपूर्ण योजनाएं वर्षों बाद भी अधूरी पड़ी हैं. जलापूर्ति योजना हो या सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), अधिकांश परियोजनाएं तय समय सीमा पार कर चुकी हैं, लेकिन अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं. इसके बावजूद नगर निगम का कार्यभार कम करने के लिए बुडको को कई नयी छोटी-बड़ी योजनाओं की जिम्मेदारी भी सौंप दी गयी, जिन पर काम की रफ्तार या बेहद धीमी बनी हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन योजनाओं को समय पर पूरा किया जाता, तो शहर की आधारभूत संरचना में काफी सुधार हो सकता था. अब लोगों को इन योजनाओं के जल्द पूरा होने का इंतजार है.

समय सीमा के बाद भी नहीं पूरी हुई योजनाएं

शहर में चल रही जलापूर्ति फेज-1 और फेज-2 की योजनाएं लंबे समय से निर्माणाधीन हैं. वहीं, एसटीपी जैसे अहम प्रोजेक्ट भी निर्धारित समय के भीतर पूरे नहीं हो सके हैं. इन परियोजनाओं के अधूरे रहने से शहरवासियों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है. कई इलाकों में जलापूर्ति और जल निकासी से जुड़ी समस्याएं अब भी बनी हुई है.

ठेका एजेंसियों की बहाली में भी देरी

स्थिति यह है कि जिन योजनाओं की जिम्मेदारी बुडको को दी गयी है, उनमें से कुछ पर ही निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि अधिकांश योजनाओं में अब तक ठेका एजेंसियों की बहाली भी नहीं हो सकी है. इससे स्पष्ट है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में सुस्ती बनी हुई है.

1156.94 करोड़ की योजनाएं अटकी

कुल मिलाकर बुडको के पास लगभग 1156.94 करोड़ रुपये की योजनाएं लंबित हैं. इनमें एसटीपी, जलापूर्ति योजनाएं, शवदाह गृह निर्माण, सड़क और नाला निर्माण सहित अन्य कार्य शामिल हैं. इतनी बड़ी राशि की परियोजनाएं अधूरी रहने से शहर के विकास की रफ्तार प्रभावित हो रही है.

उद्घाटन के आठ महीने बाद भी एसटीपी पूरी तरह से चालू नहींएसटीपी का उद्घाटन सितंबर में हुआ है. इसके आठ महीने बाद भी यह पूरी तरह से चालू नहीं हो सका. दरअसल, पांच पंपिंग स्टेशन बना है और पांच पंपिंग निर्माणाधीन है. हालांकि, निर्माणाधीन में दो को काम पूरा होने का दावा किया गया है लेकिन, बाकी अभी भी निर्माणाधीन है.

जलापूर्ति फेज-2 के लिए फरवरी से नहीं मिला फंड

जलापूर्ति फेज-2 योजना के लिए फरवरी के बाद से कोई फंड नहीं मिला है. राज्य मद से करीब 32 लाख रुपये मिला था. अभी भी इस प्रोजेक्ट के लिए 87.67 लाख रुपये की देनदारी शेष है.

फंड के अभाव में सड़क का निर्माण कार्य ठप

सिकंदरपुर से मिरजानहाट दुर्गास्थान तक सड़क और नाला का निर्माण होना है. नाला बन गया है लेकिन, फंड के अभाव में एक महीने के बाद भी सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. यह करीब 1.18 करोड़ की योजना है.

तय समय से सालों बाद अधूरी योजना

एसटीपी : 413 करोड़ रुपयेजलापूर्ति फेज-2 : 331.35 करोड़ रुपयेजलापूर्ति फेज-1 : 299.41 करोड़ रुपयेशवदाह गृह : 11.17 करोड़ रुपये

अब तक ठेका एजेंसी बाहल नहीं होने वाली योजना

विस्तारित एरिया के लिए वाटर सप्लाई अमृत-2.0 : 62.05 करोड़ रुपयेलोहापट्टी में सड़क व नाला निर्माण : 83 लाख रुपयेचंपानाला के पास छठ घाट का निर्माण : 89 लाख रुपयेमोजाहिदपुर थाना के सामने पन्ना मिल रोड : 3.01 करोड़ रुपयेशीतला स्थान चौक से बबरगंज होकर अलीगंज सड़क : 5.14 करोड़ रुपये

कार्य प्रगति धीमी चलने वाली योजना

गुड़हट्टा चौक से शीतला स्थान नाला का निर्माण : 1.82 करोड़ रुपयेसिकंदपुर से मिरजानहाट दुर्गास्थान तक सड़क व नाला निर्माण : 1.18 करोड़ रुपये

नोट : कहलगांव, पीरपैंती और सुलतानगंज में भी कई योजनाएं है, जिस पर काम होना है और पेच में फंसा है.

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