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केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए बिहार के इस जिले में होगा जमीन अधिग्रहण, रैयतों की लिस्ट जारी

Updated at : 17 Sep 2025 3:25 PM (IST)
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A four-lane bridge will be built in Bhagalpur

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: भागलपुर में विक्रमशिला खुदाई स्थल के पास केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसको लेकर भू-अर्जन विभाग ने रैयतों की सूची जारी की है. शिक्षा विभाग ने 4.29 एकड़ भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव भेजा है.

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Bihar News: भागलपुर में विक्रमशिला खुदाई स्थल के पास केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसको लेकर भू-अर्जन विभाग ने रैयतों की सूची जारी की है. शिक्षा विभाग ने 4.29 एकड़ भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव भेजा है. पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह भूमि विक्रमशिला खुदाई स्थल के निकट स्थित है, जहां भविष्य में खुदाई की संभावनाएं हैं.

कीमत निर्धारण के लिए बनेगी छह सदस्यीय समिति

जमीन की कीमत निर्धारण के लिए एक छह सदस्यीय समिति का गठन होगा. भू-अर्जन विभाग की टीम ने रैयतों का सर्वेक्षण शुरू कर दिया है. रैयतों के नामों की सूची प्रकाशित होने के बाद, 60 दिनों तक दावा-आपत्ति की प्रक्रिया होगी. इस प्रक्रिया के दौरान, जिलाधिकारी के स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा, जो जमीन की कीमत का निर्धारण करेगी. जानकारी के अनुसार मूल्य निर्धारण के बाद, वाजिब रैयतों को नोटिस भेजा जाएगा और भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. वर्तमान में, 19 (1) के तहत सर्वेक्षण का काम जारी है.

14 जून को जारी हुई थी अधिसूचना

बता दें कि भूमि अधिग्रहण के संबंध में धारा 11(1) के तहत अधिसूचना 14 जून को जारी की गई थी. रैयतों से 30 दिनों तक दावा-आपत्ति ली गई थी. प्रस्तावित परियोजना और भूमि अधिग्रहण से जुड़े सामाजिक लागत और लाभों का आकलन तकनीकी विशेषज्ञ समिति द्वारा हुआ है.

विश्वविद्यालय के लिए 215 एकड़ भूमि चिह्नित

विक्रमशिला विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए लगभग 215 एकड़ जमीन की पहचान की गई है. इसमें अंतिचक में 92 एकड़ 70 डिसमिल जबकि मलकपुर में 84 एकड़ 33 डिसमिल भूमि शामिल है.

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सरकारी जमीन पर झोपड़ियों का कब्जा

इसके अलावा 28 एकड़ 33 डिसमिल जमीन बिहार सरकार की है. ये सभी जमीन कृषि योग्य है, जिसमें आम के बागान भी शामिल है. रैयती भूमि पर कोई आवास नहीं है, जबकि बिहार सरकार की भूमि पर कुछ स्थानों पर झोपड़ियां बनी हुई है.

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Rani Thakur

लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

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