ePaper

अगुवानी घाट पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का मलवा गंगा में गिरा, एक साल से बंद है निर्माण कार्य

Updated at : 17 Aug 2024 9:32 AM (IST)
विज्ञापन
अगुवानी घाट पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का मलवा गंगा में गिरा, एक साल से बंद है निर्माण कार्य

Bihar Bridge Collapse: इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आज गंगा नदी में जलस्तर के बढ़ने के कारण तेज बहाव से पुल का एक क्षतिग्रस्त हिस्सा पानी में बह गया है, जिसे हटाने का निर्देश पहले ही दिया जा चुका था. अब इस पुल को नये सिरे से बनाया जायेगा.

विज्ञापन

Bihar Bridge Collapse:  भागलपुर. भागलपुर और खगड़िया को जोड़ने वाली अगुवानी पुल का क्षतिग्रस्त हिस्से का मलवा शनिवार को गंगा में गिर गया. इस पुल पर पिछले एक साल से निर्माण कार्य बंद है. शनिवार को तेज आवाज के साथ सुलतानगंज- अगुवानी गंगा ब्रिज के पाया संख्या-9 समीप क्षतिग्रस्त हिस्से का सपोर्टिंग सिस्टम पानी के तेज बहाव में धराशाही हो गया. इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

नये सिरे से बनेगा अगवानी घाट पुल

अब नये सिरे से अगवानी घाट पुल का निर्माण होगा. पुल निर्माण निगम ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि पटना हाइकोर्ट के निर्देश के अनुसार संबंधित एजेंसी को अपने लागत पर नये सिरे से पूर्व में धवस्त पुल का निर्माण कराना है. इस आदेश के आलोक में नया डिजाइन तैयार कराया जा रहा है. इसकी प्रक्रिया पूरे होते ही नये सिरे से पुल का निर्माण आरंभ होगा. निगम ने कहा कि पुल के डिजाइन की जिम्मेवारी एजेंसी की थी. पुल का पहला भाग 30अप्रैल, 2022 को क्षतिग्रस्त हुआ था.इसे तोड़कर हटाने का निर्देश दिया गया था. इसके डिजाइन की जांच आइआइटी रूड़की द्वारा करायी गयी थी. इसके अलावा पुल के सब स्ट्रक्चर एवं फाउंडेशन की भी जांच करायी जा रही है.

हटाया जाना था गंगा में गिरा हिस्सा

पुल निर्माण निगम ने कहा कि कि इसी बीच पूर्व में क्षतिग्रस्त हुए भाग के हिस्से जिसे हटाया जा रहा था, गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि एवं तेज बहाव होने के कारण शनिवार को क्षतिगस्त हो गया. यह भाग पूर्व के क्षतिग्रस्त भाग, जिसे हटाया जाना था, का ही एक हिस्सा था. पिछले दुर्घटना के बाद इस पुल पर किसी भी प्रकार का कार्य नहीं कराया जा रहा है.
इस बीच इस तकनीक पर बन रहे पुल का दूसरा भाग चार जून, 2023 को क्षतिग्रस्त हो गया. जांच में इसका डिजाइन त्रुटिपूर्ण पाया गया. इसके चलते पुल का निर्माण कार्य तत्काल बंद कर दिया गया. ठेकेदार को इस तकनीक पर निर्माण किये जा रहे सभी भाग को हटाने का आदेश दिया गया है.

गंगा में सुनामी की तरह उठी लहरें

शनिवार की सुबह जैसे ही स्ट्रक्चर गिरा वहां पानी में जोर की आवाज आई. वहां मौजूद लोग भी सन्न रह गए. अपने भारी-भरकम वजन के कारण गिरते हुए पिलरों के साथ गंगा के पानी में लगभग 100 फीट ऊंचा उछाल आया. ऐसा लगा मानो सूनामी आया हो. गंगा की लहरें लगभग दो किलोमीटर तक भयानक हिलोरें लेने लगीं. नमामि गंगे घाट पर स्नान कर रहे कांवड़िये जो पानी में उतरे थे, देखते ही देखते भाग खड़े हुए.

Also Read: दरभंगा एयरपोर्ट का टर्मिनल-टू होगा री-अरेंज्ड, बढ़ेगा वेंटिग एरिया, देखें नया लुक

सुल्तानगंज में गिरा था पुल

स्थानीय लोगों ने कहा कि 30 अप्रैल 2022 के रात में हवा के झोंके से पिलर संख्या पांच गिरा था. 4 जून 2023 को सुल्तानगंज से खगड़िया के अगुवानी गंगा घाट पर निर्माणाधीन पुल के पिलर नंबर 10, 11 और 12 अचानक गिरकर नदी में बह गए थे. पुल गिरने की घटना बिहार में सियासी बवाल खड़ा कर दिया था. पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने एक दूसरे पर सवाल खड़े किए थे.

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन