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अल्ट्रासाउंड जांच में लग गये 36 घंटे, कुप्पाघाट में जाकर गुजारी रात

अल्ट्रासाउंड जांच में लग गये 36 घंटे, कुप्पाघाट में जाकर गुजारी रात

प्रभात खबर पड़ताल

– मायागंज अस्पताल के ओपीडी में मरीजों को जांच कराने में लग रहे दो से तीन दिन

वरीय संवाददाता, भागलपुर

मायागंज अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों को दो से तीन दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है. गर्भवती, पेट दर्द समेत अन्य तरह के सर्जरी के गंभीर मरीज बिना अल्ट्रासाउंड जांच के दर्द से तड़पते रहते हैं. बिना जांच रिपोर्ट के डॉक्टर मरीजों का सटीक इलाज नहीं कर पाते हैं. मायागंज अस्पताल के ओपीडी में यह समस्या सबसे अधिक देखी जा रही है. गुरुवार को जांच के लिए कतार में बैठे अधिकांश मरीजों ने 14 व 15 मई को रजिस्ट्रेशन कराया था. लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच के लिए अधिक भीड़ के कारण इनका नंबर 24 से 48 घंटे के बाद आया. दरअसल ओपीडी के अल्ट्रासाउंड की मशीन की क्षमता कम है. इससे रोजाना 125 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड हो पाता है. जबकि ओपीडी में रोजाना औसतन 1500 मरीज आते हैं. इनमें से 250 से 400 मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए डॉक्टर सलाह देते हैं. ऐसे में मरीजों को उसी दिन जांच नहीं हो पाती है. दूर दराज से आये मरीज रात में अस्पताल परिसर या आसपास के मंदिरों में रुक जाते हैं. सनोखर थाना के एक मरीज व उनके परिजनों को कुप्पाघाट में रहकर रात गुजारनी पड़ी. उनको अल्ट्रासाउंड जांच कराने में 36 घंटे का समय लग गया.

महर्षि मेंहीं आश्रम में रुके 30 से अधिक मरीज व परिजन :

सनोखर थाना तिलकपुर के मरीज सरिता देवी के परिजन छविनाथ पासवान ने बताया कि 15 मई की रात में वह कुप्पाघाट में जाकर रुके. उनके साथ दूर दराज से आये 30 से अधिक मरीज व उनके परिजन रुके थे. 16 मई को सुबह साढ़े सात बजे जैसे ही ओपीडी का दरवाजा खुला. सभी मरीज दौड़ते हुए अल्ट्रासाउंड सेंटर की कतार में लग गये. बावजूद 16 मई को उनके मरीज की जांच शाम चार बजे हुई. ऐसे में उन्हें अल्ट्रासाउंड जांच कराने में 36 घंटे से अधिक का समय लग गया.

पेट में दर्द है लेकिन अबतक अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हुआ :

कजरैली शेखपुरा की मरीज वंदना देवी ने बताया कि वह अल्ट्रासाउंड कराने 15 मई को ही आयी थे. इसके पेट में दर्द थम नहीं रहा है. 16 मई को दोपहर बाद उनका जांच किया गया. जांच में इतना विलंब हो रहा है कि कहीं मरीज की जान ही नहीं चली जाये. उन्होंने कहा कि अगर आज जांच नहीं हुआ तो प्राइवेट में जाकर जांच करा लेंगे.

पोती की जांच के लिए दो दिन तक भटकी दादी :

सबौर की कौशल्या देवी अपनी पोती मोनी का इलाज कराने 15 मई को अस्पताल आयी थीं. डॉक्टर ने जांच के बाद बच्ची को अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह दी. लेकिन 15 व 16 मई को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए कतार में दो दिन तक लगी. तब जाकर उनकी जांच गुरुवार को हो पायी. इस दौरान बच्ची बीमारी से परेशान रही.

400 से अधिक मरीज आते हैं अल्ट्रासाउंड जांच को : मामले पर ओपीडी के हेल्थ मैनेजर मधुकर ने बताया कि एक दिन में 100 के करीब मरीजों का अल्ट्रासाउंड जांच संभव है. 400 से अधिक मरीज जांच के लिए आते हैं. शेष लोगों को दूसरे दिन बुलाया जाता है. जांच करने वाली एजेंसी के साथ टेंडर में यही शर्त है. सबसे अधिक अल्ट्रासाउंड जांच के लिए गर्भवती महिलाएं रहती हैं, इनका जांच सेम डे हो जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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