अर्जुन कॉलेज में डीएसपी अभिनव कुमार ने छात्रों को साइबर सुरक्षा के गुर सिखाए, 1930 हेल्पलाइन और डिजिटल अरेस्ट से बचाव पर दी जानकारी

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अर्जुन कॉलेज में साइबर जागरूकता अभियान | Prabhat Khabar Network

अर्जुन कॉलेज में आयोजित साइबर जागरूकता सेमिनार में नवगछिया डीएसपी अभिनव कुमार ने छात्रों को सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से बचने के महत्वपूर्ण उपाय बताए. उन्होंने सतर्कता को साइबर अपराध से बचाव का सबसे मजबूत हथियार बताया और 1930 हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत शिकायत करने की सलाह दी.

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Bhagalpur News: भागलपुर के अर्जुन कॉलेज में बुधवार को आयोजित साइबर जागरूकता सेमिनार में नवगछिया पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सह साइबर शाखा के अभिनव कुमार ने छात्रों और शिक्षकों को सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल फ्रॉड, फर्जी अकाउंट, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट और साइबर बुलीइंग जैसे बढ़ते साइबर अपराधों से बचने के महत्वपूर्ण उपाय बताए. उन्होंने कहा कि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है.

सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग पर दिया विशेष जोर

डीएसपी अभिनव कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग करते समय व्यक्तिगत जानकारी, तस्वीरों और वीडियो की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है. यदि प्राइवेसी सेटिंग सही नहीं होगी, तो निजी जानकारी का दुरुपयोग किया जा सकता है.

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की प्राइवेसी सेटिंग और कंटेंट शेयरिंग फिल्टर का सही उपयोग करें. साथ ही किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले उसकी पहचान की जांच अवश्य करें.

उन्होंने यह भी कहा कि किसी सार्वजनिक या दूसरे व्यक्ति के मोबाइल या कंप्यूटर पर सोशल मीडिया उपयोग करने के बाद लॉगआउट करना जरूरी है.

वीडियो कॉल और निजी तस्वीरें साझा करने से पहले बरतें सावधानी

सेमिनार में अधिकारियों ने बताया कि वीडियो कॉल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर उसका दुरुपयोग किया जा सकता है. इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ निजी या संवेदनशील फोटो और वीडियो साझा नहीं करना चाहिए.

उन्होंने चेतावनी दी कि एक बार कोई निजी सामग्री इंटरनेट पर पहुंच जाने के बाद उसके प्रसार को पूरी तरह रोक पाना बेहद कठिन हो जाता है.

फर्जी अकाउंट और साइबर बुलीइंग की तुरंत करें शिकायत

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के नाम या फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाया जाता है, तो संबंधित प्लेटफॉर्म पर तुरंत शिकायत कर उसे ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए.

साइबर बुलीइंग के मामलों में आपत्तिजनक संदेश, फोटो, वीडियो और पोस्ट के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखने की सलाह दी गई. छात्रों से कहा गया कि ऑनलाइन परेशान किए जाने की स्थिति में चुप न रहें और तुरंत अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को इसकी जानकारी दें.

साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत करें 1930 पर शिकायत

डीएसपी अभिनव कुमार ने बताया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, उतनी ही अधिक संभावना होगी कि संबंधित धनराशि के आगे ट्रांसफर को रोका जा सके.

डिजिटल अरेस्ट और फर्जी सरकारी अधिकारियों से रहें सावधान

सेमिनार में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी पर भी विस्तार से चर्चा हुई. अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और पैसे भेजने का दबाव बनाते हैं.

उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी कॉल या संदेश से घबराने के बजाय संबंधित विभाग से स्वतंत्र रूप से सत्यापन करना चाहिए.

फर्जी नौकरी, निवेश और लोन ऑफर के जाल से बचें

अभिनव कुमार ने सोशल इंजीनियरिंग, फर्जी नौकरी, इनाम, निवेश, लोन और गिफ्ट ऑफर के नाम पर होने वाली ठगी से भी सावधान रहने की सलाह दी.

उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध लिंक, ऐप या संदेश पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए और किसी भी ऑफर की पहले पूरी तरह जांच करनी चाहिए.

OTP, PIN और बैंकिंग जानकारी कभी साझा न करें

छात्रों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि OTP, PIN, CVV, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी और बैंकिंग संबंधी गोपनीय विवरण किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए.

साथ ही अनजान स्रोत से प्राप्त APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल करने से बचने और वॉइस क्लोनिंग जैसी नई तकनीकों के जरिए होने वाली ठगी के प्रति भी सतर्क रहने को कहा गया.

शिक्षकों ने भी डिजिटल सुरक्षा पर दिया जोर

प्रोफेसर हिमांशु ने कहा कि डिजिटल शिक्षा के साथ डिजिटल सुरक्षा की जानकारी भी आज के विद्यार्थियों के लिए उतनी ही आवश्यक है. प्रोफेसर ज्ञानेश त्रिपाठी ने जागरूकता और सतर्कता को साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम बताया.

कार्यक्रम में प्रोफेसर राजेश कुमार, प्रोफेसर भानु, प्रोफेसर आयुष, प्रोफेसर मुस्कान, प्रोफेसर प्रिंस और प्रोफेसर अश्विनी मिश्रा सहित कई शिक्षक मौजूद रहे.

Bhagalpur News: छात्रों से समाज को भी जागरूक करने की अपील

सेमिनार के अंत में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से स्वयं साइबर जागरूक बनने और अपने परिवार व समाज के लोगों को भी साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक करने की अपील की.

कार्यक्रम में MRM एवं GRM, सोशल मीडिया सुरक्षा, साइबर बुलीइंग, डिजिटल फ्रॉड, फर्जी अकाउंट, ऑनलाइन खरीदारी, संदिग्ध लिंक और डिजिटल भुगतान की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई.

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ऋषव मिश्रा कृष्णा

लेखक के बारे में

By ऋषव मिश्रा कृष्णा

ऋषव मिश्रा कृष्णा प्रिंट माध्यम में पिछले 22 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. फिल्म, शिक्षा और गीत लेखन में रुचि रखते हैं.

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