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Tmbu. विकसित भारत के लिये कृषि व पर्यटन के क्षेत्र में जागरूकता जरूरी: कुलपति

Updated at : 11 Apr 2025 9:25 PM (IST)
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Tmbu. विकसित भारत के लिये कृषि व पर्यटन के क्षेत्र में जागरूकता जरूरी: कुलपति

टीएमबीयू में सेमिनार का आयोजन.

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– टीएनबी कॉलेज और टीएमबीयू के भूगोल विभाग द्वारा सेमीनार का आयोजन

संवाददाता, भागलपुर तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग और टीएनबी महाविद्यालय के भूगोल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन शुक्रवार को हुआ. उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जवाहर लाल ने कहा कि विकसित भारत की दिशा में हमें कृषि और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ानी होगी. उन्होंने कहा कि हर विभाग और महाविद्यालय को ऐसे आयोजन करते रहना चाहिए, इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन हरसंभव वित्तीय सहयोग देगा. कुलपति ने नवाचार और तकनीकी कौशल को आवश्यक बताते हुए सभी विद्यार्थियों से इन्हें सीखने की अपील की.

मुख्य वक्ता पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर डॉ. आर.बी.पी. सिंह ने कहा कि “विकास का अंधविरोध नहीं, अंधविकास का विरोध जरूरी है ” — इस भावना से हमें समाज, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था तीनों पहलुओं पर संतुलन साधना होगा. वैज्ञानिक और भूगोलवेत्ता डॉ. पृथ्वीश नाग ने कहा कि सतत विकास के 17 लक्ष्यों को विश्वविद्यालयों के शोध और पीएचडी कार्यों में अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए. डॉ. के.एन. पासवान ने उपभोक्तावादी संस्कृति को खत्म कर पर्यावरण संरक्षण, पुनर्चक्रण और पुनः प्रयोग पर जोर दिया.

पूर्व कुलपति डॉ. के.के. सिंह, डॉ. शिवमुनि यादव, कुलसचिव डॉ. रामाशीष पूर्वे, टीएनबी महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एस.एन. पांडेय आदि ने भी विचार साझा किए. डॉ. यादव ने धरहरा गांव की परंपरा (कन्या जन्म पर दस पेड़ लगाने) की सराहना की. कार्यक्रम की शुरुआत एनसीसी के गार्ड ऑफ ऑनर, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों और वादन दल द्वारा कुलपति के स्वागत से हुई. उद्घाटन दीप प्रज्वलन के बाद विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया.

संगोष्ठी में डॉ. देवाशीष, डॉ. अनिरुद्ध कुमार, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. एस.एन. पांडेय, डॉ. संजय कुमार झा, डॉ. मनोज कुमार शर्मा, डॉ. बी.के. शर्मा समेत विश्वविद्यालय के दर्जनों शिक्षक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. तीन तकनीकी सत्रों में कुल 20 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए. मंच संचालन डॉ. राधा कुमारी और डॉ. चंदन कुमार ने किया, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जैनेन्द्र कुमार ने किया. शेष शोध पत्र और समूह चर्चा 12 अप्रैल को आयोजित होंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KALI KINKER MISHRA

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