233 करोड़ की धान खरीद गड़बड़ी में पूर्व एमडी पर अनुशासनिक कार्यवाही शुरू
सांकेतिक तस्वीर
बिहार सरकार के सहकारिता विभाग ने भागलपुर-बांका धान खरीद में 233 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के मामले में तत्कालीन एमडी मो. जैनुल आबदीन अंसारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है. एमडी पर बोर्ड की मंजूरी के बिना कैश क्रेडिट, एटीएम वैन खरीद और सुरक्षा गार्डों की बहाली में कमीशन लेने जैसे गंभीर आरोप हैं. अब इस मामले की विस्तृत विभागीय जांच की जाएगी.
Bhagalpur-Banka Paddy Procurement Scam: उपमुख्य संवाददाता, भागलपुर. बिहार सरकार के सहकारिता विभाग ने भागलपुर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक मो जैनुल आबदीन अंसारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की है. मामला वर्ष 2021-22 में भागलपुर और बांका जिलों में धान खरीद के दौरान करीब 233 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं और अन्य आरोपों से जुड़ा है. वर्तमान में मो अंसारी पटना स्थित सहयोग समितियां में सहायक निबंधक के पद पर कार्यरत हैं.
बिना बोर्ड की मंजूरी कैश क्रेडिट स्वीकृत करने का आरोप
विभाग की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार वर्ष 2021-22 में भागलपुर और बांका जिले में धान खरीद के दौरान बैंक के निदेशक मंडल की स्वीकृति के बिना कैश क्रेडिट की स्वीकृति दी गई और भुगतान किया गया. विभाग ने इसे वित्तीय प्रक्रिया के उल्लंघन से जुड़ा गंभीर मामला माना है.
55 लाख की एटीएम वैन खरीद पर भी सवाल
तत्कालीन एमडी पर बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट की धारा 11 की अनदेखी करते हुए निदेशक मंडल की अनुमति के बिना करीब 55 लाख रुपये में एटीएम वैन खरीदने का भी आरोप लगाया गया है. विभागीय आरोप पत्र में इस खरीद प्रक्रिया को भी जांच के दायरे में रखा गया है.
सुरक्षा गार्डों की बहाली में कमीशन का आरोप
विभाग ने समंता सिक्योरिटी कंपनी से कथित रूप से कमीशन लेकर बिना निदेशक मंडल की अनुमति के चार सुरक्षा गार्डों की बहाली किए जाने का आरोप भी लगाया है. इसके अलावा प्रबंध निदेशक के रूप में निर्धारित बैठक रोस्टर का पालन नहीं करने का आरोप भी लगाया गया है.
स्पष्टीकरण नहीं देने पर शुरू हुई विभागीय जांच
सहकारिता विभाग ने इस मामले में 22 दिसंबर 2025 को आरोप पत्र गठित कर मो अंसारी से स्पष्टीकरण मांगा था. इसके बाद मई 2026 में संशोधित आरोप पत्र जारी किया गया और कई रिमाइंडर भेजकर जवाब मांगा गया. विभाग के अनुसार इसके बावजूद उनकी ओर से कोई स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हुआ.जवाब नहीं मिलने के बाद अनुशासनिक प्राधिकार ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 (5) (ख) के तहत विभागीय जांच संचालित करने का निर्णय लिया है.
जांच अधिकारी और प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त
Bhagalpur-Banka Paddy Procurement Scam: मामले की विभागीय जांच के लिए बिहार सहयोग समितियां के अपर निबंधक (साख) मनोज कुमार सिंह को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है. वहीं भागलपुर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पप्पू कुमार को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी बनाया गया है.यह आदेश बिहार के राज्यपाल के निर्देशानुसार सहकारिता विभाग की विशेष कार्य पदाधिकारी कुमारी आरती द्वारा जारी किया गया है. अब विभागीय जांच में आरोपों और संबंधित अभिलेखों की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी.
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