शृंखला के पहले व बाद बारिश लेकिन बना रहा उत्साह-जोश

By Prabhat Khabar Digital Desk
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भागलपुर : मौसम सुबह से खराब दिख रहा था. सुबह 10.30 बजे जब फुहारें पड़नी शुरू हुई, तो लगा कि मानव शृंखला बन नहीं पायेगी. 11 बजते-बजते बारिश थम गयी और दुकानों के नीचे, जीरोमाइल चौक पर विक्रमशिला सेतु के नीचे, यात्री पड़ाव आदि में खड़े और बस में बैठे बच्चे बाहर निकलने लगे. देखते ही देखते सड़कों के किनारे हाथ से हाथ जुड़ गये.

11.30 बजे तक शृंखला का निर्माण हो गया था. हालांकि नवगछिया की ओर से विक्रमशिला सेतु की ओर जीविका दीदियों का आना 11.45 बजे तक जारी रहा. विभिन्न सरकारी-निजी स्कूलों के बच्चे बड़े उत्साह के साथ नारे लगा रहे थे. समाहरणालय गेट को फूलों से सजाया गया था, तो कमिश्नरी गेट को रंग-बिरंगे बैलून से.
सड़कें रंगोली व नारे लेखन से सजी थी. जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने विक्रमशिला सेतु पहुंच पथ के किनारे पौधरोपण किया. उन्होंने कहा कि 10 लाख से अधिक लोग जिले के 360 किलोमीटर की मानव शृंखला में शामिल हुए.
तिलकामांझी चौक पर जैसे ही शृंखला के समापन (12 बजे) का संदेश देने के लिए बैलून उड़ाया गया, बारिश की फुहारें पड़नी शुरू हो गयी. सभी जगहों पर मानव शृंखला में लोग उत्साह के साथ भाग लिये. जिलाधिकारी प्रणव कुमार, एडीएम राजेश झा राजा, एसएसपी आशीष भारती समेत प्रायः सभी सरकारी कर्मी, जीविका की महिलाएं, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएं, विभिन्न सरकारी-निजी स्कूल के बच्चे-शिक्षक, कलाकार, आम लोग आदि ने भाग लिया.
शृंखला में शामिल कई बच्चे हाथों में नारे लिखी तख्ती लिये जल व हरियाली के समर्थन में नारे लगा रहे थे. एनसीसी के कैडेट्स भी बड़ी संख्या में शामिल हुए. हर कोई खुद के शृंखला में शामिल होने के दृश्य को यादों में जीवित रखने के लिए विभिन्न एंगल में सेल्फी लेते दिखे. मानव शृंखला समापन होते-होते सोशल मीडिया में पोस्ट की भरमार लग गयी.
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