14 कारोबारियों को ही लाइसेंस कैसे होगी हॉलमार्किंग की व्यवस्था

Updated at : 03 Jan 2020 3:09 AM (IST)
विज्ञापन
14 कारोबारियों को ही लाइसेंस कैसे होगी हॉलमार्किंग की व्यवस्था

भागलपुर : केंद्र सरकार की ओर से 15 जनवरी से पूरे देश में सोने के आभूषणों पर हॉलमार्क अनिवार्य कर दिया गया है. लेकिन भागलपुर समेत आसपास क्षेत्रों में हॉलमार्क स्टांपिंग की व्यवस्था का अभाव है. अब एक हॉलमार्क सेंटर खुला है तो अधिकतर दुकानदारों के पास हॉलमार्किंग के लिए लाइसेंस ही नहीं है. 500 […]

विज्ञापन

भागलपुर : केंद्र सरकार की ओर से 15 जनवरी से पूरे देश में सोने के आभूषणों पर हॉलमार्क अनिवार्य कर दिया गया है. लेकिन भागलपुर समेत आसपास क्षेत्रों में हॉलमार्क स्टांपिंग की व्यवस्था का अभाव है. अब एक हॉलमार्क सेंटर खुला है तो अधिकतर दुकानदारों के पास हॉलमार्किंग के लिए लाइसेंस ही नहीं है. 500 कारोबारियों में मात्र 14 कारोबारियों को ही लाइसेंस है.

इससे जहां ग्राहकों को आभूषण दुकानदार पर ही भरोसा करके ही खरीदना पड़ता है. दरअसल मैन्यूफेक्चरिंग यूनिट कोलकाता, दिल्ली व मुंबई होने पर अधिकतर कारोबारी वहां से ही हॉलमार्किंग कराते हैं. इससे उन्हें हमेशा आभूषण लाने ले जाने में सुरक्षा का खतरा बना रहता है.

शहर में खुला एकमात्र मां तारा हॉलमार्किंग सेंटर के संचालक आकाश साह ने बताया कि बिना लाइसेंस के हॉलमार्क संभव नहीं है. जेवर बेचने के लिए बीआइएस से लाइसेंस लेना पड़ता है. इसी लाइसेंस के आधार पर कोई कारोबारी हॉलमार्किंग करा सकते हैं. भागलपुर में मात्र 14 कारोबारी को ही लाइसेंस है. जिन दुकानदारों के पास लाइसेंस नहीं है, वह अवैध है.

जबकि भागलपुर में छोटे-बड़े 500 दुकानदार हैं. जिला स्वर्णकार संघ के पूर्व सचिव विजय साह ने बताया कि जिस तरह से जीएसटी के लिए नंबर लेना पड़ता है, उसी प्रकार हॉलमार्किंग के लिए रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है. इसके बाद ही हॉलमार्किंग संभव है. भागलपुर में अधिकतर सर्राफा कारोबारी के लिए यह संभव नहीं है. दरअसल कई की आमदनी इतनी नहीं है कि प्रतिमाह रजिस्ट्रेशन चार्ज ढाई हजार दे पायें.

गिनती की दुकानों में होते हैं हॉलमार्क आभूषण : जिला स्वर्णकार संघ के पूर्व सचिव विजय कुमार साह ने बताया कि यहां पर हॉलमार्क स्टांपिंग की व्यवस्था नहीं थी. इसके बाद भी सर्राफा कारोबारी रिस्क लेकर कोलकाता व पटना से सोना के अाभूषण पर हाॅलमार्क कराते हैं.

शहर के ब्रांडेड आभूषण के कारोबारी विशाल आनंद ने बताया कि एक नया हॉलमार्किंग सेंटर खुला है, लेकिन भरोसा नहीं हो रहा है. इसके अलावा मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट कोलकाता में ही है, इसलिए वहीं से हॉलमार्किंग कराते हैं. हॉलमार्क बाध्यता होने पर 60 से 70 फीसदी तक सर्राफा कारीगर होने पर उन्हें अपने रोजगार से हाथ धोना पड़ेगा.

मुंदीचक के सर्राफा कारीगर ने बताया कि अभी सोना-चांदी के आभूषण तैयार करने पर रोजगार मिल रहा है. हॉलमार्क की बाध्यता होने पर कारीगर के काम पर भी संकट आ सकता है. दूसरे कारीगर वारसलीगंज के सुजीत कुमार ने बताया कि भागलपुर में 100 रजिस्टर्ड दुकानदार हैं, जबकि 700 कारीगर इस क्षेत्र में रोजगार पा रहे हैं. कारिगरों को रिबेट मिले, तभी हॉलमार्किंग की बाध्यता हो.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन