तीन प्रतिशत से भी कम रोपनी

Updated at : 13 Jul 2019 3:02 AM (IST)
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तीन प्रतिशत से भी कम रोपनी

भागलपुर : जिले में खरीफ फसल की बोआई खासकर धान के रोपा की स्थिति खराब है. बिचड़ा बोआई का काम भी अभी अधूरा है. अब तक पूरे जिले में 52 हजार हेक्टेयर भूमि में तीन प्रतिशत से भी कम रोपनी हो सकी है. इससे किसानों का रुझान बॉग की ओर बढ़ता जा रहा है. किसान […]

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भागलपुर : जिले में खरीफ फसल की बोआई खासकर धान के रोपा की स्थिति खराब है. बिचड़ा बोआई का काम भी अभी अधूरा है. अब तक पूरे जिले में 52 हजार हेक्टेयर भूमि में तीन प्रतिशत से भी कम रोपनी हो सकी है. इससे किसानों का रुझान बॉग की ओर बढ़ता जा रहा है.

किसान कर लेते थे 40 से 50 प्रतिशत रोपा: कृषि विशेषज्ञों व किसानों की मानें तो मानसून समय पर पहुंच जाता तो जिले में 40 से 50 प्रतिशत तक रोपा कर लेते, लेकिन अब तक 60 फीसदी भूमि में ही बिचड़ा बोआई हो सकी है. जगदीशपुर के किसान राजकुमार पंजियारा ने बताया कि पानी की सुविधा होती, तो 40 प्रतिशत तक रोपा हो गया होता. यही हाल रहा तो बॉग बोने की नौबत आ जायेगी.
कहलगांव में सबसे पहले शुरू हुआ रोपा:कहलगांव प्रखंड में सबसे पहले रोपा शुरू हुआ. इसके बाद पीरपैंती, शाहकुंड आदि क्षेत्रों में भी रोपा किया जा रहा है. कृषि विभाग के अनुसार शाहकुंड के तीन पंचायत में बॉग रोपा, सुल्तानगंज में बॉग रोपा, जबकि पीरपैंती व कहलगांव में रोपा शुरू हो चुका है. वहीं जगदीशपुर, नाथनगर, गोराडीह, सन्हौला आदि में नहीं के बराबर रोपा हो सका है.
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