गोशाला की संपत्ति अपार, सब हो रहे मालामाल, गायें हैं बेहाल

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Oct 2018 6:08 AM

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भागलपुर : गोशाला में पशुओं के मरने का सिलसिला रुक नहीं रहा. गुरुवार को भी दो बाछा की मौत हो गयी. दूसरी ओर व्यवस्था सुधारने के नाम पर लीपापोती का काम जारी है. गुरुवार को गोशाला प्रबंध समिति के महामंत्री सत्यनारायण पोद्दार एसडीओ आशीष नारायण के बुलावे पर उनके पास गये, पर कोई संतोषजनक जवाब […]

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भागलपुर : गोशाला में पशुओं के मरने का सिलसिला रुक नहीं रहा. गुरुवार को भी दो बाछा की मौत हो गयी. दूसरी ओर व्यवस्था सुधारने के नाम पर लीपापोती का काम जारी है. गुरुवार को गोशाला प्रबंध समिति के महामंत्री सत्यनारायण पोद्दार एसडीओ आशीष नारायण के बुलावे पर उनके पास गये, पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये.
दूसरी ओर गोशाला बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने एसडीओ से तत्काल मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया. गोशाला की खराब स्थिति को लेकर उसकी कमाई और अन्य हस्तक्षेप पर सवाल उठने लगा है. जानकारों का कहना है कि गोशाला की संपत्ति का अगर फिर से आकलन हो और उसका उचित किराया आये तो इतने पैसे आयेंगे कि पशुओं को दिक्कत नहीं होगी. पर हालात यह है कि औने-पौने दाम पर गोशाला की दुकानों को किराये पर ले लोग मालामाल हो रहे हैं, जबकि गायें मर रही हैं.
नहीं रुक रहा पशुओं के मरने का सिलसिला : गोशाला में सफाई की स्थिति अब भी बहुत अच्छी नहीं है. हालांकि पशु चिकित्सकों की टीम के निरीक्षण के बाद कुछ हद तक कोशिश की गयी, पर वो काफी नहीं. जिन गायों व बछड़े का रोग गंभीर हो चुका था, उन्हें बचाना भी मुश्किल हो रहा है. गुरुवार को भी दो बछड़ों की मौत हो गयी. इस माह अब तक चार गाय व चार बछड़ा मर चुके हैं, जबकि कई बीमार हैं. सितंबर में तीन बाछा, अगस्त में सात बाछा व जुलाई में छह बाछा की मौत हुई थी.
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गोशाला की संपत्ति पर एक नजर
वर्तमान में गोशाला पांच एकड़ में फैला है. गोशाला में ट्रांसपोर्ट के दो आॅफिस व चार गोदाम चल रहे हैं. इनसे लगभग तीन लाख की आमदनी किराये के रूप में हर माह होती है. गोशाला में 141 गायें हैं. इनमें दुधारू गाय 35 हैं. इन गायों से 180 लीटर दूध प्रतिदिन होता है, जिससे प्रतिमाह दो लाख 10 हजार रुपये की आमदनी हर माह होती है. इसके अलावा मुख्य बाजार में गोशाला की जमीन पर 57 दुकानें व एक होटल है.
इनसे मात्र 95 हजार की आमदनी प्रति माह है. बता दें कि ये 57 दुकानें जिन इलाकों में हैं, वो भागलपुर दिल में हैं, यानी वेराइटी चौक से खलीफाबाग के बीच, हड़ियापट्टी व स्टेशन चौक के समीप. यहां की अन्य दुकानों का किराया लाखों में है, पर गोशाला को कुछ नहीं मिलता.
संडे को होगी मास मीटिंग होगा किराया संशोधन
गोशाला प्रबंधन कमेटी के सलाहकार रामगोपाल पोद्दार ने कहा कि गोशाला की मुख्य आमदनी किराया है. इसमें गोदाम से लेकर दुकान है. ये बाजार के दर से बहुत कम है. इस कारण गोशाला की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ नहीं हो पा रही है. पुराने किरायेदारों का किराया संशोधन होना चाहिए. उन्होंने कहा कि रविवार को मीटिंग होगी. इसमें किराया संशोधन पर चर्चा की जायेगी.
ड्यूटी पर पहुंचे नये पशुधन सहायक
जिला पशुपालन विभाग की ओर से गोशाला में तैनात नये पशुधन सहायक मिर्जा जफरुल इस्लाम वेग गुरुवार को गोशाला पहुंचे और बीमार गायों को चेक किया. पूर्व जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ जीके झा ने भी आकर गायों को देखा. देर शाम पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ गिरीश सिन्हा भी गोशाला आये. उन्होंने कहा कि बछड़े को यदि समय पर दवा दी जाती तो वह नहीं मरता.
एसडीओ से मिला संघर्ष समिति का शिष्टमंडल
गोशाला बचाओ संघर्ष समिति का शिष्टमंडल सदर एसडीओ आशीष नारायण से मिला और गोशाला की अव्यवस्था से अवगत कराया. शिष्टमंडल में अभिजीत गुप्ता, अंजनी शर्मा, ओम भास्कर, बालमुकुंद मोयल, अजय कानोडिया आदि शामिल थे.
किराया ऐसा कि शर्म अा जाये
गोशाला से जुड़े जानकारों की मानें तो अभी गोशाला की दुकानों के किरायेदार पांच से 10 रुपये प्रति स्क्वायर फीट के दर से किराया देते हैं, जबकि बाजार में सामान्य दर 40 से 60 रुपये प्रति स्क्वायर फीट से ज्यादा हो चुका है. कई बार किराया संशोधन का प्रयास किया गया, लेकिन कोई किराया बढ़ाने को तैयार नहीं हुआ.
कैश बुक का होगा रिव्यू, 11 दुकानों के किराये पर हो रही सुनवाई
भागलपुर : सदर अनुमंडल कार्यालय में भागलपुर सिटी गाेशाला के सचिव सत्यनारायण पोद्दार गुरुवार को तलब किये गये. सदर एसडीओ आशीष नारायण ने गोशाला की एक-एक समस्याओं पर विस्तार से सवाल-जवाब किये. अब तक गोशाला कार्यकारिणी के हुए प्रयास व अन्य गतिविधियों की जानकारी ली गयी. कहा, गोशाला के कैश बुक रिव्यू होगा और सभी आय-व्यय के ब्योरे की जांच होगी.
इसके लिए सचिव को गोशाला के कैश बुक व आय-व्यय के कागजात देने के निर्देश दिये. सदर एसडीओ ने बताया कि गोशाला की 1250 बीघा से अधिक जमीन पर अतिक्रमण के मामले को वे खुद जाकर देखेंगे. इस दौरान वहां पर जितनी भी दुकानें, गोदाम आदि चल रही होंगी, सभी से वैध कागजात मांगे जायेंगे. अगर उनके पास कागजात नहीं होंगे तो उन्हें सील भी किया जायेगा और कानूनी कार्रवाई भी होगी.
गोशाला की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करायेंगे. गोशाला की जमीन पर चल रही 11 दुकान के किराये निर्धारण का केस पिछले महीने एसडीओ कोर्ट में आया है और वह लंबित है. इनके किराये का निर्धारण वर्तमान बाजार दर के आधार पर कोर्ट के माध्यम से जल्द हो जायेगा.
सदर एसडीओ व गोशाला सचिव से सवाल-जवाब
सदर एसडीओ: गोशाला में गाय मर रही है.
गोशाला सचिव: बूढ़ी गाय ही गोशाला आती है. बूढी गाय मर रही हैं.
सदर एसडीओ: गोशाला के अंदर गोबर अधिक मात्रा में जमा था.
गोशाला सचिव: दशहरा के कारण लेबर नहीं मिल रहा था. लेबर नहीं होने से गोबर का उठान बंद था.
सदर एसडीओ: पशु चिकित्सक वहां कितने आते हैं
गोशाला सचिव: पशु चिकित्सक एक दिन आते हैं. चिकित्सक का दौरा तीन दिन कर देंगे. जिससे पशु की चिकित्सीय देखभाल होती रहे.
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