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आज के प्रतिस्पर्द्धात्मक दौर में युवाओं को मानसिक विचलन से बचने के लिए योगासन श्रेष्ठ:प्रो. रवींद्र

Updated at : 26 Apr 2025 6:48 PM (IST)
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आज के प्रतिस्पर्द्धात्मक दौर में युवाओं को मानसिक विचलन से बचने के लिए योगासन श्रेष्ठ:प्रो. रवींद्र

महारानी जानकी कुंवर महाविद्यालय योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के तत्वावधान में अंतर महाविद्यालय योगासन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया.

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बेतिया. महारानी जानकी कुंवर महाविद्यालय योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के तत्वावधान में अंतर महाविद्यालय योगासन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता उद्घाटन प्राचार्य प्रो डॉ रवींद्र कुमार चौधरी ने किया. अपने संबोधन में प्राचार्य ने कहा कि कदम कदम पर प्रतिस्पर्धाओं वाले आज के दौर में युवाओं की एकाग्रता और मनोदशा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.हमारी युवा बार बार विचलित हो रहे हैं. आज के समय में इस मानसिक विचलन से बचने के लिए योगासन से जुड़ना एक श्रेष्ठ विकल्प है.इसी को लेकर पहली बार अंतर महाविद्यालय योगासन स्पोर्ट्स कंपटीशन का आयोजन किया गया है.ताकि विद्यार्थी जीवन में संतुलन बनाते हुए अपने को उच्च शिखर पाने के प्रति प्रेरित हों. प्राचार्य प्रो. चौधरी ने कहा कि हमें हर्ष हो रहा है कि योगासन खेल प्रतिस्पर्धा का आयोजन कर युवाओं के और सामंजस्य से जीवन को सामंजस्य की ओर ले जाने के लिए एक नई पहल की जा रही है.क्योंकि योगासन का अध्ययन और अभ्यास केवल उनके शारीरिक विकास ही नहीं अपितु या करियर का बड़ा क्षेत्र बनकर उभरा है. प्राचार्य ने बताया कि 2021 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स, में योग एक खेल के रूप में घोषणा के पश्चात 2022 में नेशनल गेम्स में सम्मिलित हुआ. वहीं अब 2026 में होने वाले एशियन गेम्स तथा 2030 में होने वाले ओलंपिक गेम्स में योगासन एक डेमोंस्ट्रेटिव गेम्स के रूप में शामिल कर भारत सरकार ने हर युवाओं को योग से जोड़ने का अपने संकल्प को प्रमाणित किया है. कार्यकम के संचालक सह महाविद्यालय के योग प्रशिक्षक पवन कुमार चौधरी ने कहा कि योगासन खेल एक ऐसा कॉम्पिटेटिव गेम है जिसमें खिलाड़ी दूसरे को हराने के बजाय अपना बेहतर प्रदर्शन कर मेडल प्राप्त करते हैं. योगासन एक ऐसा खेल है जिसमें बाहर के किसी संसाधन की आवश्यकता नहीं पड़ती है. एसोसिएशन के समन्वयक डॉ. राजेश कुमार चंदेल ने कहा योगासन में एमजेके कॉलेज ने यूनिवर्सिटी तथा राज्य में एक विशेष पहचान प्राप्त की है जिसका पूरा श्रेय प्राचार्य प्रो.(डॉ) आरके चौधरी को जाता है.यह महाविद्यालय पूरे विश्वविद्यालय में का एक विशेष महाविद्यालय है जो योगासन को खेल के रूप में विकसित करने का तेजी से कार्य कर रहा है.बर्सर प्रो.(डॉ)पीके चक्रवर्ती ने कहा कि स्वस्थ दिनचर्या और इसमें नियमित रूप से योगासन का अभ्यास सबसे सुलभ और सरल साधन हैं.इस प्रकार से नियमित रूप से योगासन प्रतियोगिताओं का आयोजन से स्वस्थ,शुद्ध,संपन्न, सृजनशील एवं उत्कृष्ट युवा शक्ति का निर्माण हो सकेगा और परिवार समाज एवं संपूर्ण राष्ट्र में युवाओं का मूल्य संवर्धन होते रहेगा. योगासन प्रतिस्पर्धा में राज्य स्तर के योगासन जज को पांडेय धर्मेंद्र शर्मा, राजकिशोर कुमार कुशवाहा,इंदु कुमारी तथा आलोका प्रसाद ने निर्णायक की भूमिका निभाई. कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. विकास कुमार, डॉ.योगेन्द्र सम्यक, डॉ.वीरेश राम, डॉ. मेनका,डॉ. गौरीशंकर सोनी, डॉ. जितेश कुमार, डॉ. प्रेम कुमार समेत कार्यक्रम को सफल बनाने में योग के छात्र दिवाकर कुमार, रितेश कुमार, शशिरंजन कुमार, अखिलेश कुमार, स्तुति कुमारी, वंदना कुमारी, खुशी कुमारी, सिंपल कुमारी, जितेश कुमार, अनुष्का कुमारी, रिशु कुमारी, रिया कुमारी, मुस्कान कुमारी,अभया कुमारी, कृति कुमारी,डिंपल कुमारी, अनुपम कुमार समेत विभिन्न कॉलेजों से प्रतिभागी उपस्थित रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATISH KUMAR

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