पांचवें दिन भी गंडक बराज समेत नेपाली क्षेत्र में पसरा सन्नाटा

भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गंडक बराज समेत पड़ोसी देश नेपाल के नवलपरासी जिला के नागरिकों को अब बॉर्डर खुलने की उम्मीद दिखने लगी है.
वाल्मीकिनगर. भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गंडक बराज समेत पड़ोसी देश नेपाल के नवलपरासी जिला के नागरिकों को अब बॉर्डर खुलने की उम्मीद दिखने लगी है. आंदोलन की शुरुआत के पांचवें दिन भी समाचार प्रेषण तक नेपाली तथा गंडक बराज भारतीय क्षेत्र में सन्नाटे का आलम है. बॉर्डर बंद होने से पूर्व गंडक बराज के रास्ते अपनी निजी जरूरतों की खरीदारी और स्वास्थ्य जांच के लिए प्रतिदिन भारी संख्या में नेपाली नागरिक वाल्मीकिनगर क्षेत्र में आते हैं. किंतु उनकी गतिविधियों पर नेपाली सरकार के निर्देश के उपरांत विराम लग गया है. ज्यादा जरूरतमंद व्यक्तियों को अपनी आईडी प्रूफ और कार्य की जानकारी संतोषप्रद देने के उपरांत ही गंडक बराज पर तैनात एसएसबी द्वारा आने जाने की इजाजत दी जा रही है. नेपाली नागरिकों में महेश गुरुंग, संतोष भट्टराई, मोहन थापा आदि ने बताया कि नेपाल में प्रधानमंत्री के चयन का कार्य संपन्न हो चुका है. शांति का माहौल है. उम्मीद है कि अब प्रशासन के द्वारा गंडक बराज मार्ग को ग्रामीणों के आने-जाने के लिए खोल दिया जाएगा. जिससे मृतप्राय पड़े व्यवसाय में जान आने की उम्मीद है. नेपाल एपीएफ और एसएसबी द्वारा प्रत्येक माह होने वाली संयुक्त पेट्रोलिंग गंडक बराज के 18 नंबर फाटक नो मेंस लैंड पर शनिवार की दोपहर की गयी. अधिकारियों ने बताया कि इस पेट्रोलिंग द्वारा अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने, शराब तस्करी आदि गतिविधियों पर विराम लगती है. असामाजिक तत्वों और अपराधियों में भय का माहौल व्याप्त होता है.
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