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सशक्त स्थायी समिति ने लंबित विभागीय योजनाओं पर लगाई रोक, टेंडर कराने का निर्णय

Updated at : 07 Oct 2024 8:31 PM (IST)
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सशक्त स्थायी समिति ने लंबित विभागीय योजनाओं पर लगाई रोक, टेंडर कराने का निर्णय

नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति ने सभी लंबित योजनाओं के विभागीय कार्यान्वयन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है.

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बेतिया. नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति ने सभी लंबित योजनाओं के विभागीय कार्यान्वयन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. लंबित सभी योजनाओं को जल्द से जल्द निविदा के माध्यम से निष्पादित करने का निर्णय लिया गया है. महापौर गरिमा देवी सिकरिया ने बताया कि यह निर्णय उनकी अध्यक्षता में सोमवार शाम संपन्न सशक्त स्थायी समिति की बैठक में लिया गया है.

मेयर ने बताया कि विकास योजना मद में उपलब्ध लगभग 36 करोड़ को आगामी 31 मार्च तक गुणवत्तापूर्ण कार्यों में सही और नियमानुकूल उपयोग करने के लिए ऐसा निर्णय लिया गया है. उनका कहना है कि नगर प्रशासन ने भी माना है कि मात्र तीन जेई के जिम्मे सैकड़ो विभागीय योजनाओं का दबाव बनने से योजनाओं में समयबद्धता असंभव है. इसके साथ ही महापौर ने यह भी बताया कि नगर निगम के वार्ड तीन में उनके निरीक्षण के दौरान अनुरक्षण अर्थात मरम्मती मद से स्वीकृत कार्य के नाम पर नया नाला का निर्माण होता पाया गया. बल्कि ऐसे कार्य पर बहुत पहले ही रोक लगी है. जिसको लेकर उक्त विभागीय योजना के भुगतान पर समिति ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी. वार्ड संख्या 14 में नाला निर्माण की एक बड़ी योजना के विभागीय वित्तीय सीमा में लाने के लिए एक ही बड़ी योजना को तोड़कर छोटी छोटी कई योजनाओं में बदलने और बिना अतिक्रमण हटाए ही विभागीय योजना के कार्यान्वयन को बड़ी धांधली करार देकर उसके भुगतान पर भी रोक लगा दी गई. वार्ड दो में मिली कई जन शिकायतों के आधार पर इस्लामिया नगर में सड़क की करीब 10 से 12 फीट तक की सरकारी जमीन को अतिक्रमणकारियों के लिए छोड़ कर नाला निर्माण होने पर भी भुगतान पर रोक लगा दी. छावनी स्थित पेट्रोल पंप से 15 अगस्त के बाद से ईंधन आपूर्ति एवं भुगतान पर रोक, स्पैरो आउटसोर्सिंग एजेंसी से नगर निगम के होर्डिंग टैक्स वसूली पर रोक एवं एकरारनामा रद्द, वार्ड जमादारों और अन्य के बैंक खाते में मजदूरी मद के लाखों के भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक का आदेश पुनः पारित किया गया है. वार्ड संख्या 2 का सामुदायिक भवन जिस पर निजी कब्जा किया हुआ है, उसे प्रशासन की मदद लेकर खाली करने का भी निर्णय लिया गया. भवनो के नक्शा पास करने में प्राप्त आवेदनों का विस्तृत सूची बनाकर अगली बैठक में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया, भवनो के नक्शा पास करने में अवैध उगाही की शिकायत मिलने पर या कार्रवाई की गई है. महापौर ने बताया कि विभागीय योजनाओं में हो रही गड़बड़ी को लेकर विभाग को कार्रवाई एवं मार्गदर्शन के लिए पत्र भी लिखा है. बैठक मे नगर आयुक्त शंभू कुमार, उपनगर आयुक्त गोपाल कुमार, उपमेयर गायत्री देवी, पार्षद मनोज कुमार, दीपक कुमार, शकीला खातून, अफ़रीना खातून, रोहित सिकारिया आदि शामिल रहे.

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छह माह बाद भी नहीं लिया गया निर्णय: नगर आयुक्त

इधर, नगर आयुक्त शंभू कुमार ने बताया कि सशक्त स्थायी समिति की बैठक के एजेंडे में भ्रष्टाचार संबंधी एजेंडा का उल्लेख करना सम्मानजनक नहीं है. जारी प्रेस विज्ञप्ति में नगर आयुक्त ने बताया कि 8 जनवरी को ही नगर निगम बोर्ड ने 132 योजनाओं को विभागीय स्तर पर कराने का निर्णय लिया था. बाद में इसकी निविदा प्रकाशित होने पर अधिकांश पार्षदों ने कार्यालय का घेराव किया था. इस मामले में निर्णय के लिए मेयर को पत्र भेजा गया था, लेकिन छह माह बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया गया. ऐसे में मौन सहमति के आधार पर बोर्ड से पारित प्रस्ताव के अनुपालन में विभागीय कार्य कराये जा रहे हैं. जहां तक विभागीय योजनाओं में भ्रष्टाचार की बात है तो तकनीकी पदाधिकारियों के जांच के बाद ही भुगतान का नियम है. वहीं विभागीय योजनाओं में रोक संबंधी पत्र अभी तक कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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