लौरिया को बौद्ध सर्किट एवं रेल से जोड़ना अतिआवश्यक : रण कौशल

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विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्तूप नंदनगढ़ सहित दो दर्जन ऐतिहासिक धरोहर रहने के बावजूद बौद्ध सर्किट से नहीं जुड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है.

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लौरिया. विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्तूप नंदनगढ़ सहित दो दर्जन ऐतिहासिक धरोहर रहने के बावजूद बौद्ध सर्किट से नहीं जुड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है. रेलवे से लौरिया को जोड़ना मेरी पहली प्राथमिकता होगी. रेल से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास करुंगा. कार्यक्रम में पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता रणकौशल प्रताप सिंह उर्फ गुड्डू पटेल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज भी लौरिया हर मामले में उपेक्षित है. अपने गौरवशाली इतिहास को संजोए रखे लौरिया को डबल इंजन की सरकार रेल से नहीं जोड़ना काफी दुखद है. उन्होंने कहा कि भारत का हर ऐतिहासिक धरोहर रेल लाइन से जुड़ गया है, परंतु लौरिया को आज तक उपेक्षित रखा है. आज भी गरीब, असहाय व बेसहारों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है. अफसरशाही हावी है. हर जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला है. आम आदमी जाये तो जाये कहा. किसान व मजदूर सभी परेशान हैं. महंगाई बढ़ती जा रही है. लोगों को रोजगार नहीं है. लोग रोजी रोटी की तलाश में दूसरे जगह जा रहे हैं. डबल इंजन की सरकार की नीति गरीब-विरोधी व मजदूर विरोधी है. देश में धर्म व मजहब के नाम पर समाज में वैमनस्यता फैलायी जा रही है. ऐसे मौकापरस्त लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है. श्री सिंह ने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए कहा कि लौरिया विधानसभा में जनता की समस्या व निदान के लिए हर संभव प्रयास करुंगा. वहीं उन्होंने कहा कि लौरिया विधानसभा में हर ज्वलंत समस्या के लिए आवाज उठाऊंगा. वहीं अपने कार्यकर्ताओं को भी मजबूती तन मन से जुटने की अपील की. वहीं रणकौशल ने बताया कि चंपारण के हृदय स्थली लौरिया आज भी अपेक्षित है. डबल इंजन की सरकार है फिर भी आज तक रेलवे से नहीं जुड़ सका है और ना ही बौद्ध सर्किट से जुड़ सका है. लौरिया की भौगोलिक स्थिति ऐसी है की नदी से कटाव निरंतर जारी है. लोग विस्थापित होकर जा रहे हैं. सरकार कोइ ठोस कदम नहीं उठा रही है. योगापट्टी प्रखंड में कोई कल कारखाने नहीं लगे हैं. जिससे कि वहां के लोगों को रोजगार मिल सके. रणकौशल ने लौरिया के मूलभूत सुविधा जैसे महिलाओं को डिग्री की पढ़ाई के लिए आज भी शहर पर निर्भर है. गरीबी के कारण मध्यम एवं गरीब घर की बच्ची या आगे नहीं पढ़ पा रही है. वहीं मौका मिलने पर विकास की नई खाका खींचने में सकारात्मक प्रयास करने की बात कही. वहीं रणकौशल ने समाज के सभी वर्गों को अपने बच्चों में भेदभाव नहीं बरतने समेत बिटिया को भी पढ़ाई में मौका देने तथा बच्चों को शिक्षित बनाने की अपील की.

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