ePaper

वीटीआर वन कक्ष संख्या 37 में मिला नेपाली हाथियों का पगमार्क, निगरानी शुरू

Updated at : 08 Aug 2025 6:21 PM (IST)
विज्ञापन
वीटीआर वन कक्ष संख्या 37 में मिला नेपाली हाथियों का पगमार्क, निगरानी शुरू

वीटीआर का लंबा चौड़ा लगभग 900 वर्ग किलोमीटर में फैले घने वन क्षेत्र में सदाबहार हरियाली, पीने की पानी की उपलब्धता, ग्रास लैंड आदि टाइगर रिजर्व से सटे पड़ोसी देश नेपाल से चितवन राष्ट्रीय निकुंज के हाथियों की पहली पसंद मानी जाती है.

विज्ञापन

वाल्मीकिनगर. वीटीआर का लंबा चौड़ा लगभग 900 वर्ग किलोमीटर में फैले घने वन क्षेत्र में सदाबहार हरियाली, पीने की पानी की उपलब्धता, ग्रास लैंड आदि टाइगर रिजर्व से सटे पड़ोसी देश नेपाल से चितवन राष्ट्रीय निकुंज के हाथियों की पहली पसंद मानी जाती है. प्राय: एक निश्चित अंतराल पर नेपाली हाथियों का झुंड चितवन राष्ट्रीय निकुंज के बॉर्डर को पार कर टाइगर रिजर्व में प्रवेश कर जाता है और स्वच्छंद विचरण करता है. स्वभाव वश जंगली हाथियों का स्वभाव आक्रामक होने के कारण यह वन क्षेत्र में तबाही मचाते हैं और रिहायशी क्षेत्रों में प्रवेश करने के बाद फसलों और ग्रामीणों के घरों के साथ-साथ पालतू पशुओं पर भी हमला बोलने से नहीं हिचकते हैं. इसी क्रम में गुरुवार की देर शाम पड़ोसी देश नेपाल के चितवन राष्ट्रीय निकुंज से भटके हाथियों का झुंड का विचरण वाल्मीकिनगर वन प्रक्षेत्र अंतर्गत कक्ष संख्या 37 में पाया गया है. उसके बाद हाथियों का झुंड कक्ष संख्या टी 40 की तरफ प्रस्थान कर गया है. पगमार्क के मुताबिक हाथियों की संख्या 4 से 5 हो सकती है. इस बाबत वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र पदाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि ऐसी सूचना प्राप्त हुई है. वन कर्मियों की टीम के द्वारा नेपाली हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SATISH KUMAR

लेखक के बारे में

By SATISH KUMAR

SATISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन