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माॅनसून के इंतजार में टकटकी लगाए हैं किसान, आसमान से बरस रहे आग के गोले

मौसम के तेवर अभी अनुकूल नहीं दिख रहे हैं. विगत एक पखवारे से हर दिन हॉट डे साबित हो रहा है.

बेतिया. मौसम के तेवर अभी अनुकूल नहीं दिख रहे हैं. विगत एक पखवारे से हर दिन हॉट डे साबित हो रहा है. बीच में कभी कभार मॉनसून पूर्व की बारिश की फुहार तेज गर्मी पर और जानलेवा साबित हुई है. गर्म मौसम के कारण पूरा जनजीवन बेहाल और परेशान होकर रह गया है. मॉनसून आने के पूर्व गर्मी और तेज धूप की हालत यह है कि सड़कों पर वीरानगी दिखायी दे रही है. मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अभी 17 जून के बाद हीं चंपारण वासियों को बारिश के दर्शन होने की संभावना है. लेकिन गर्मी इस कदर परेशान कर रही है कि लोग अब घरों से निकलना भी नही चाह रहे हैं. हीटबेव की हालत यह है कि सुबह छह बजे से लेकर रात के नौ बजे तक तापमान कम होने का नाम नही ले रहा है. गर्मी के कारण बीमारों की संख्या में भी उतरोतर वृद्धि होने लगी है. अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है. गुरुवार को भी असहनीय गर्मी और शरीर को झुलसा देनेवाली भीषण गर्मी का सिलसिला जारी रहा. सूरज के तल्ख तेवर के साथ हीं गुरुवार की सुबह शुरु हुयी. गुरुवार को दिन के 10 बजने के बाद से ही तापमान जो महसूस हुयी, वह पूरे देर शाम तक जारी रही. नतीजतन दोपहर के पहले हीं सड़कें वीरान दिखने लगीं. इधर जिले में शुरुआती दौर में ही किसानों को बीज डालने में परेशानी हो रही है. बारिश के इंतजार में आसमान की ओर निहार रहे किसानों के समक्ष धान का बिचड़ा डालने की समस्या उत्पन्न हो गई है. अब किसानों को बारिश की चिंता सताने लगी है. किसान धान की बिचड़ा डालने को लेकर झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि कई इलाकों में मॉनसून पूर्व की हुयी हल्की बारिश में किसानों ने बिचड़ा तो लगा दिया. लेकिन तेज धूप के कारण खेतों में लगाये गये बिचड़े सूखने लगे हैं. लोग कृत्रिम सिंचाई कर अपने बिचड़ों को जिंदा रखने का प्रयास कर रहे हैं. तापमान और भीषण गर्मी से खेतों से नमी गायब है. नरकटियागंज के जयमंगलापुर के किसान मनोज कुमार उर्फ मुन्ना मिश्र ने बताया कि छोटे तबके के किसानों को अधिक परेशानी हो रही है. हालांकि समृद्ध किसान बिजली मोटर पंप या डीजल पंप सेट से खेतों में पानी डालकर अत्यधिक खर्च भी उठाना पड़ रहा है. भू जल स्तर नीचे चले जाने से कई बोरिंग भी फेल होने के कगार पर पहुंच गए हैं. जिस कारण किसानों की चिंता और बढ़ी हुई है. वही कई प्रखंडों में हर खेत तक बिजली का पोल तार नहीं पहुंचने से सिंचाई भी प्रभावित हुई है. मौसम की तल्खी से किसान परेशान मौसम की बेरूखी व गर्मी का मिजाज देखकर किसान चिंतित हैं. गुरुवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम 28 के आसपास रहा. मौसम जानकारों की मानें तो फिलहाल इस हफ्ते भर में बारिश की संभावना नहीं है. धान के बिचड़े व अन्य फसल प्रचंड धूप से सूखने और मुरझाने लगे हैं. अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही और समय पर बारिश नहीं हुई तो किसान संभावित सुखाड़ को लेकर आशंका जताने लगे हैं. बारिश के अभाव में धान का बिचड़ा तैयार होने से पहले ही पीले पड़ कर सूख रहे हैं.

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