वक्फ कानून के जरिये हमारी जमीनें छीनने की साजिश, पहचान मिटाने का हो रहा प्रयास: रहमानी

Published by :SATISH KUMAR
Published at :02 May 2025 9:28 PM (IST)
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वक्फ कानून के जरिये हमारी जमीनें छीनने की साजिश, पहचान मिटाने का हो रहा प्रयास: रहमानी

वक्फ कानून के जरिये हमारी जमीनें छीनने की साजिश, पहचान मिटाने का हो रहा प्रयास: रहमानी

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बेतिया. इमारत-ए-शरिया के अमीरे शरीयत मौलाना सैयद शाह अहमद वली फैसल रहमानी ने कहा कि आज मुसलमानों की पहचान मिटाने का प्रयास किया जा रहा है. वक्फ कानून के जरिये हमारे ईदगाह, मस्जिद, कब्रिस्तान, जनाजागाह, दरगाह, यतीमखाना समेत तमाम जमीनें छीनने की साजिश की जा रही है. जबकि वक्फ ने समाज में बराबरी, भाइचारा और समाजवाद की अवधारणा कायम किया है. बावजूद इसके मौजूदा केंद्र सरकार का हर फैसला देश के लिए सांप्रदायिक और विभाजनकारी है. इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे और काले कानून के हटने तक संघर्ष करते रहेंगे. श्री रहमानी शुक्रवार को ऑल इंडिया मुस्लिम प्रशनल बोर्ड के आह्वान पर बेतिया बड़ा रमना मैदान में आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में हम अकेले नहीं है. हमारे साथ यहां गैर मुसलमानों की मौजूदगी हमारे हिम्मत को बढ़ा रही. यहां लाल, हरा और तिरंगा झंडा का जो संगम है और धर्मनिरपेक्ष सियासी पार्टियों की मौजूदगी है हमारे इस वक्फ कानून को खत्म करने में बड़ा भूमिका है. उन्होंने कहा कि वक्फ और समाजवाद दोनो बराबरी का दर्जा देते हैं. समाज मे छुआ छूत से उपर उठकर हर तबके के लोगो को गले लगाया है. अल्लाह के रास्ते मे मुस्लिम लोग अपनी जायदाद को वक्फ करते है. इसपर बनी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी में 85 फीसदी से ज्यादा गैर मुस्लिम के बच्चे तालीम हासिल करते है. लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार वक्फ संशोधन बिल 2024 के तहत मुसलमानों के द्वारा वक्फ की गई जमीन को हड़पना चाहती है. हमारे दीन, शरियत कानून पर सीधे सीधे हमला कर रही है. जिसको किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा. श्री रहमानी ने कहा कि यह कानून लागू होने के बाद वक्फ की गई को जमीन को ये साबित करना होगा कि ये मुस्लिम के द्वारा वक्फ की गई है. इन सभी जमीनों को कारपोरेट घरानों को देना चाहती है. भाकपा-माले केन्द्रीय कमेटी सदस्य सह सिकटा विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि मोदी सरकार हमारे संविधान और लोकतंत्र पर हमला कर रहीं हैं, संविधान को टुकड़े – टुकड़े में नहीं देखना चाहिए. दलितों, आदिवासियों, पिछडों का आरक्षण, लोगों के नागरिक अधिकार और अल्पसंख्यकों की धार्मिक आजादी एक दूसरे से अलग नहीं हैं. इस बात को हमें समझ लेना होगा. विधान पार्षद अफाक अहमद ने भी वक्फ काननू पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया और तमाम कटाक्ष किये. प्रदर्शन सभा को कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद पटेल, राजद जिलाध्यक्ष साहेब हुसैन अंसारी, माले नेता सुनील राव, मुन्ना त्यागी, संजय राम, नंद किशोर महतो, अफसर इमाम, नवीन कुमार, सुरेंद्र चौधरी, अच्छे लाल राम, इंद्रदेव कुशवाहा, संजय मुखिया आदि ने भी संबोधित किया. अध्यक्षता और संचालन इमारत ए सरिया के जिला सचिव जाकिर बलिग ने किया. बता दें कि इस प्रदर्शन मे शहर के तमाम मस्जिदों से जुमा नमाज के बाद नमाजी रमना में पहुंचे. बसों, ट्रैक्टर के साथ साथ गाड़ियों में मुस्लिम पहुंच प्रदर्शन में शरिक हुए. इस प्रदर्शन के समर्थन मे भाकपा माले, राजद व कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए थे.

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