बिहार का कश्मीर: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की खूबसूरती पर फिदा हुई बाइकर्स टीम, मानसून में किया रोमांचक सफर

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300 किमी की रोमांचक यात्रा तय कर हाजीपुर से पहुंचे 22 सदस्यीय दल ने प्राकृतिक सौंदर्य का लिया आनंद

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बाइकर्स टीम ने वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की मानसून की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता का भरपूर आनंद लिया. गंडक बराज, इको पार्क, और जंगल कैंप जैसे प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया, जहां उन्होंने बाघ, तेंदुआ और हिरण के सेल्फी प्वाइंट पर यादगार तस्वीरें खिंचवाईं.

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Valmiki Tiger Reserve: मानसून की हरियाली से सजे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) ने एक बार फिर प्रकृति प्रेमियों का दिल जीत लिया. शनिवार को हाजीपुर की कर्मावर मोटर्स एजेंसी की 22 सदस्यीय बाइकर्स टीम करीब 300 किलोमीटर की यात्रा तय कर वाल्मीकिनगर पहुंची. रिमझिम बारिश के बीच टीम ने जंगल, पहाड़ियों और नारायणी नदी के मनमोहक नजारों का आनंद लिया.

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भ्रमण के बाद बाइकर्स नेपाल के लिए रवाना हो गए, लेकिन जाते-जाते उन्होंने फिर से वाल्मीकिनगर लौटने का वादा भी किया.

VTR के प्रमुख पर्यटन स्थलों का किया भ्रमण

तीन दिवसीय पर्यटन यात्रा पर निकली टीम ने गंडक बराज, इको पार्क और जंगल कैंप समेत कई प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया.

जंगल कैंप में बने बाघ, तेंदुआ और हिरण के आकर्षक सेल्फी प्वाइंट पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहे. सभी सदस्यों ने यहां यादगार तस्वीरें भी खिंचवाईं.

बोले- यूं ही नहीं कहते 'बिहार का कश्मीर'

दल के नेतृत्वकर्ता उत्सव कुमार ने बताया कि कर्मावर मोटर्स एजेंसी हर वर्ष अपने कर्मचारियों को देश के अलग-अलग पर्यटन स्थलों की यात्रा कराती है.

उन्होंने कहा कि वाल्मीकिनगर की प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और शांत वातावरण ने पूरी टीम को प्रभावित किया. यहां आकर महसूस हुआ कि इसे 'बिहार का कश्मीर' यूं ही नहीं कहा जाता.

जंगल में भालू का भी हुआ दीदार

यात्रा के दौरान टीम के सदस्य अतुल कुमार, विशाल कुमार और शशांक प्रधान ने सुबह जंगल क्षेत्र में भालू भी देखा. इस अप्रत्याशित अनुभव ने उनके सफर के रोमांच को और बढ़ा दिया.

बारिश बनी बाधा, सफारी भी रही बंद

बाइकर्स की इच्छा वाल्मीकि आश्रम और जंगल सफारी का आनंद लेने की भी थी, लेकिन लगातार बारिश के कारण वन मार्गों पर जलजमाव और फिसलन होने से वे आश्रम तक नहीं पहुंच सके.

वहीं वन्यजीवों के प्रजनन काल को देखते हुए वन विभाग ने 29 जून से 30 सितंबर तक जंगल सफारी सेवा बंद कर रखी है. इससे पर्यटकों को थोड़ी निराशा जरूर हुई, लेकिन उन्होंने VTR की प्राकृतिक छटा, स्वच्छ वातावरण और मानसून की हरियाली की खुलकर सराहना की.

टीम के सदस्यों ने कहा कि जैसे ही जंगल सफारी दोबारा शुरू होगी, वे फिर से वाल्मीकिनगर आकर इस रोमांचक अनुभव का हिस्सा बनना चाहेंगे.


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