बेगूसराय में श्रद्धालुओं से अमर्यादित व्यवहार के आरोप में पुलिस पदाधिकारी निलंबित, वायरल वीडियो पर एसपी की कार्रवाई
लाइन लगाते हुए निलंबित दारोगा
बाबा हरिगिरी धाम में कांवरियों से कथित अमर्यादित व्यवहार का मामला गर्माया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने एक पुलिस पदाधिकारी को निलंबित कर दिया है. मामले की जांच बखरी एसडीपीओ को सौंपी गई है.
Begusarai baba harigiri dham: प्रसिद्ध बाबा हरिगिरी धाम मंदिर परिसर में कांवरियों और श्रद्धालुओं के साथ कथित तौर पर अमर्यादित व्यवहार करने और लाठी भांजने के मामले में बेगूसराय पुलिस ने कार्रवाई की है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक मनीष ने गढ़पुरा थाना के पुलिस पदाधिकारी किशन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया है. मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी बखरी एसडीपीओ कुंदन कुमार को सौंपी गयी है.
वायरल वीडियो में श्रद्धालुओं को नियंत्रित करते दिखे पुलिस पदाधिकारी
जानकारी के अनुसार, 17 अगस्त को बाबा हरिगिरी धाम परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो में बड़ी संख्या में कांवरिया और श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए कतार में खड़े होकर मंदिर की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं. इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस पदाधिकारी किशन कुमार श्रद्धालुओं को नियंत्रित करते दिख रहे हैं.
वायरल वीडियो में उनके हाथ में लाठी दिखाई दे रही है. वह कुछ श्रद्धालुओं को धक्का देते और झिड़कते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस पदाधिकारी के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे.
तीसरी सोमवारी पर पहुंची थी करीब तीन लाख श्रद्धालुओं की भीड़
बताया जाता है कि तीसरी सोमवारी के अवसर पर बाबा हरिगिरी धाम में श्रद्धालुओं और कांवरियों की अप्रत्याशित भीड़ उमड़ी थी. करीब तीन लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की बात कही जा रही है. इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करना पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी.
मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कर सुरक्षित तरीके से जलाभिषेक कराने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. इसी दौरान कुछ श्रद्धालुओं के कतार तोड़कर आगे बढ़ने और भीड़ में हुड़दंग करने की स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास पुलिसकर्मियों द्वारा किया जा रहा था.
भीड़ नियंत्रण के दौरान संयम बरतने की बात
स्थानीय लोगों के एक वर्ग का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ के बीच पुलिसकर्मियों ने लगातार मेहनत कर व्यवस्था संभाली. उनका कहना है कि कुछ स्थानों पर श्रद्धालुओं को कतार में रखने के लिए पुलिस को सख्ती करनी पड़ी होगी.
वहीं, कुछ स्थानीय लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि कांवरिया मेला के दौरान पुलिसकर्मियों के सामने काफी चुनौतीपूर्ण स्थिति थी. भीड़ को नियंत्रित करना, श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखना और मंदिर परिसर में विधि-व्यवस्था बनाए रखना आसान नहीं था. हालांकि, लोगों का यह भी कहना है कि भीड़ नियंत्रण के दौरान पुलिसकर्मियों को संयम और मर्यादा का पूरा ध्यान रखना चाहिए.
एसपी ने वीडियो का लिया संज्ञान, पुलिस पदाधिकारी निलंबित
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा. पुलिस अधीक्षक मनीष ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले को गंभीरता से लिया. प्रथम दृष्टया ड्यूटी के दौरान श्रद्धालुओं के साथ अनुचित आचरण का मामला मानते हुए उन्होंने पुलिस पदाधिकारी किशन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया. निलंबन के बाद उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया गया है.
बखरी एसडीपीओ करेंगे पूरे मामले की जांच
एसपी मनीष ने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए बखरी एसडीपीओ कुंदन कुमार को निर्देश दिया है. जांच के दौरान वायरल वीडियो के साथ मौके की परिस्थितियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी.
जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ नियमानुसार आगे की विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. एसपी ने स्पष्ट किया कि विधि-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके साथ आमजन और श्रद्धालुओं के साथ उचित व्यवहार भी आवश्यक है. पुलिसकर्मियों से ड्यूटी के दौरान संयम, अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है.
अब जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और उस दौरान पुलिस पदाधिकारी की कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई.
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