आज भी प्रासंगिक है कथाकार मुंशी प्रेमचंद की कविताएं : प्रो रवींद्रनाथ

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मौके पर उपस्थित अतिथि  | Prabhat Khabar Network

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महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर बेगूसराय में विप्लवी पुस्तकालय में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया. साहित्य से आमजन को जोड़ने, उनके दुख-दर्द को आवाज़ देने पर वक्ताओं ने जोर दिया.

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Begusarai News : शुक्रवार को महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर विप्लवी पुस्तकालय, गोदरगावां में स्थापित उनकी प्रतिमा पर आगत अतिथि एवं उपस्थित छात्र-छात्रा एवं पुस्तकालय समिति की ओर से माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि किया गया. अध्यक्षता पुस्तकालय अध्यक्ष रमेश प्रसाद सिंह ने की. प्रलेस के राज्य महासचिव प्रो रवींद्रनाथ राय ने कहा कि प्रेमचंद ने साहित्य से श्रमिकों, अछूतों एवं किसानों को जोड़ा. आजादी की लड़ाई में साहित्य के जरिये सभी की जोड़ने का काम किया. उन्होंने सोजे वतन के जरिए देश का दर्द लिखा. प्रेमचंद ने अपने साहित्य का नायक अपने साधारण से पात्र होरी, धनिया, हलकु, सुमन आदि को बनाया. उन्होंने आमजन के दुख दर्द को लिखा. गयाजी से आए हुए प्रलेस के राज्य सचिव परमाणु कुमार ने कहा कि साहित्य का काम सवाल खड़ा करना है. बेगूसराय प्रलेस के संयुक्त सचिव राजकिशोर सिंह ने पंच परमेश्वर की कहानी के पात्र की बाते बिगाड़ की डर से क्या ईमान की बात नहीं करोगे? के जरिए लोगों को उनके साहित्य को पढ़ने की बातें की.इस अवसर पर संरक्षक प्रतिनिधि राजेंद्र राजन, विष्णुदेव कुंवर, भूषण सिंह, अमित रंजन भारती, पवन कुमार सिंह, अगम कुमार, मनोरंजन विप्लवी, शमशेर आलम, उमेश राम, प्रशांत राय एवं छात्र-छात्रा उपस्थित थे.


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Bipin Kumar Mishra

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By Bipin Kumar Mishra

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