Begusarai News: 'मोहम्मद शाहबाज ने भगवान कृष्ण का फोटो डिलीट करा दिया', फेसबुकिया प्यार के चक्कर में आरती बनी प्रवीण, फिर…
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 07 Jul 2025 7:31 PM
सांकेतिक फोटो
Begusarai News: फेसबुक से हुई प्यार इंदौर की एक लड़की को महंगा पड़ गया है. फेसबुक से हुई दोस्ती के बाद वह अपने प्रेमी के पास इंदौर से 1300 किलोमीटर दूर बेगूसराय तो आ गयी, लेकिन सात साल में लव, शारीरिक संबंध बनाने और निकाह के बाद उसे समझ आया कि धोखा हो गया है. अब वह अपने घर इंदौर जाना चाहती है, इसके लिए उसने पुलिस से गुहार लगायी.
Begusarai News: इंदौर की रहने वाली आरती को बेगूसराय जिला मुख्यालय स्थित जागीर मोहल्ला के रहने वाले मोहम्मद शाहबाज से 2017 में फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई. दोस्ती काफी तेजी से आगे बढ़ी और दोनों के बीच लंबी बातें होने लगी. शाहबाज एक ज्वेलरी शॉप पर माला गूंथने का काम करता था. वह वीडियो कॉलिंग से दिखता था कि देखो मेरी अपनी ज्वेलरी की दुकान है. बहुत बड़ा घर है, बस तुम मेरी बन जाओ तो तुम्हें अपना सबकुछ सौंप दूंगा. रानी की तरह हसीना बनाकर रखूंगा.
झूठे दिखावे में फंस गई आरती
आरती भी शहवाज के प्यार के चंगुल में फंस गयी. 2018 में एक दिन वह घर छोड़कर निकल गयी और ट्रेन पकड़ कर आ गयी बेगूसराय. यहां शाहबाज ने उसका जोरदार स्वागत किया. दोनों एक-दूसरे को पाकर खुश थे. दो साल साथ रहने के बाद निकाह भी कर लिया. उसने आरती का नाम भी आरती प्रवीण कर दिया. दोनों साथ-साथ रहने लगे. लेकिन अब जब शाहबाज का मन भर गया तो उसने धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू कर दिया. गोमांस खाने का दबाव, नमाज और कुरान पढ़ने का दबाव देने लगा.
पुलिस ने अल्पावास गृह में रखा
इन यातनाओं से परेशान आरती दर-दर की ठोकरें खा रही है. वह पुलिस के पास पहुंची तो पुलिस ने आवेदन देने को कहा. लेकिन वह कोई कानूनी पचड़े में नहीं फंसना चाहती है. सोचती है कि अगर आवेदन दी तो फिर कोर्ट का चक्कर लगाने बेगूसराय आना ही पड़ेगा. इसलिए वह चाहती है कि किसी तरह अपने शहर इंदौर चली जाये, फिर कभी बेगूसराय नहीं आये. फिलहाल आरती को पुलिस ने अल्पावास गृह में रखा है. परिजनों को सूचना दी गयी है, उसके बाद आगे का निर्णय लिया जायेगा.
क्या-क्या करता है शहवाज
आरती ने बताया, “शहवाज कुछ दिनों से मारपीट करता है, गंदा-गंदा गाली देता है. दहेज के लिए प्रेशर बनाता है, मां-भाई से 100000 रुपया मांगने को कहता है. बहुत गलत-गलत बात बोलता है, कहता है कि धंधा करवाऊंगा. मेरा घर इंदौर है, फेसबुक के माध्यम से मेरा कांटेक्ट हुआ था. तभी मैं उसके बात में यहां आ गयी. यह मुसलमान और हम हिंदू हैं.”
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भगवान का फोटो मोबाइल से डिलीट करवा दिया
आरती ने आगे बताया कि शहवाज जागीर मोहल्ला में सोना चांदी की दुकान पर माला गूंथता है. उसने दिखाया था कि उसके पास बहुत बड़ा घर है, सोने-चांदी की अपनी दुकान है. बहुत खुश रखूंगा. 2018 में आये और 2020 में शादी हुई. मैं हिंदू थी और हिंदू धर्म ही मानती हूं. मैंने धर्म परिवर्तन नहीं किया है. फिर वो कहने लगा कि नमाज पढ़ो, रोजा रखो, कुरान पढ़ो. मेरे मोबाइल में कृष्ण भगवान का फोटो था, वह भी डिलीट कर दिया. उसका कहना है कि मेरे घर में कोई भगवान नहीं चाहिए, सिर्फ मेरे अल्लाह को पूजो.”
पीड़िता ने आगे बताया, “मेरा नाम आरती है, लेकिन उसने आधार कार्ड पर आरती प्रवीण करवा दिया. रोज मारने की धमकी देता है, तीन-चार बार कोशिश कर चुका है, गला दबा देता था, मैं किसी तरह बच गयी. मुझे अपने गांव जाना है, पुलिस मुझे इससे छुटकारा दिला दें. अपने शहर भेज दें. मां-पिताजी भी कांटेक्ट में नहीं हैं. उनके लिए मैं बहुत पहले मर चुकी हूं. हम अकेले अपने शहर में गुजारा कर लेंगे.
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DSP ने क्या बताया
सदर-वन डीएसपी सुबोध कुमार ने बताया कि आरती कार्यालय में आयी थी. हमने उसकी पूरी बात सुनी, वह अब शाहबाज के साथ नहीं रहना चाहती है. अपने घर लौटना चाहती है. लेकिन थाना में लिखित शिकायत करने को तैयार नहीं है. इसके कारण तत्काल अल्पावास गृह में रखा गया है. परिजनों को सूचना दी गयी है, उसके बाद आगे का निर्णय लिया जायेगा.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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