बेगूसराय में नव नियुक्त प्रशिक्षु दरोगाओं को मिला वैज्ञानिक अनुसंधान और न्यायालयीन प्रक्रिया का प्रशिक्षण, गवाहों की भूमिका और परीक्षण की मिली जानकारी

Author Vikash Kumar|Edited by Yuvraj Ratan
Updated:
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बेगूसराय में 35 प्रशिक्षु दरोगाओं को मिला अभियोजन एवं अपराध अनुसंधान का व्यावहारिक प्रशिक्षण

जिला अभियोजन कार्यालय में प्रशिक्षण में भाग लेते हुए प्रशिक्षु दारोगा

Begusarai News : बेगूसराय में नव नियुक्त प्रशिक्षु दरोगाओं के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया. इस सत्र का मुख्य उद्देश्य उन्हें वैज्ञानिक अनुसंधान और न्यायालयीन प्रक्रिया में दक्ष बनाना था. प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया.

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Begusarai News : बेगूसराय जिला अभियोजन कार्यालय में अभियोजन पदाधिकारी कृष्णा कुमार की ओर से नव नियुक्त प्रशिक्षु दरोगाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया. प्रशिक्षण का उद्देश्य अनुसंधान की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना तथा न्यायालय में प्रभावी अभियोजन की प्रक्रिया से प्रशिक्षु अधिकारियों को अवगत कराना था.

क्राइम सीन एनालिसिस और साक्ष्य संरक्षण पर दिया गया विशेष जोर

प्रशिक्षण के दौरान अभियोजन पदाधिकारी कृष्णा कुमार ने क्राइम सीन एनालिसिस के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि किसी भी आपराधिक मामले की सफलता वैज्ञानिक, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर निर्भर करती है. उन्होंने अपराध स्थल के संरक्षण, साक्ष्यों की पहचान, भौतिक साक्ष्यों के वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, सुरक्षित पैकेजिंग, सीलिंग तथा उनकी विधिसम्मत अभिरक्षा बनाए रखने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया.

न्यायालय में गवाहों की भूमिका और परीक्षण की दी जानकारी

प्रशिक्षुओं को न्यायालयीन कार्यवाही के व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया. अभियोजन पदाधिकारी ने मुख्य परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों से पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्नों की प्रकृति और उद्देश्य को समझाया. इसके साथ ही उन्होंने प्रतिपरीक्षण के दौरान बचाव पक्ष के प्रश्नों का तथ्यपरक, स्पष्ट, आत्मविश्वासपूर्ण और विधिसम्मत उत्तर देने की तकनीक पर भी विस्तार से मार्गदर्शन दिया.

तकनीकी ज्ञान के साथ न्यायालयीन समझ भी जरूरी

अपने संबोधन में अभियोजन पदाधिकारी कृष्णा कुमार ने कहा कि एक दक्ष अनुसंधान अधिकारी के लिए केवल तकनीकी जानकारी पर्याप्त नहीं होती. न्यायालय में साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और गवाहों के परीक्षण की प्रक्रिया की समझ भी उतनी ही आवश्यक है. उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से निष्पक्षता, ईमानदारी और पेशेवर दक्षता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया.

प्रशिक्षुओं ने पूछे कानूनी और व्यावहारिक प्रश्न

प्रशिक्षण सत्र संवादात्मक और अत्यंत उपयोगी रहा. प्रशिक्षु दरोगाओं ने विभिन्न व्यावहारिक और कानूनी विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका अभियोजन पदाधिकारी ने विस्तार से समाधान किया. सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अपने भावी पुलिस जीवन के लिए उपयोगी और प्रेरणादायक बताया.

ये प्रशिक्षु दरोगा रहे मौजूद

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षु दरोगा विकास कुमार-2, सद्दाम हुसैन अंसारी, विद्या कुमार, रामली कुमारी, रानी कुमारी, अनिल कुमार, जुही कुमार, संध्या कुमारी, विमल कुमार, अंकिता कुमारी, मंजित कुमार पासवान, कल्पना कुमारी, राकेश कुमार, विकास कुमार सहित अन्य प्रशिक्षु दरोगा उपस्थित रहे.

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