बाजार में छाए केमिकल वाले आम, स्वाद के चक्कर में सेहत बिगड़ रही हैं
Published by : Vivek Singh Updated At : 03 Jun 2026 8:54 AM
सांकेतिक तस्वीर
Begusarai News : बिहार में गर्मी बढ़ने के साथ ही बेगूसराय के बाजारों में आम की आवक तेज हो गई है. फलों की दुकानों और ठेलों पर आम की बिक्री जोरों पर है, लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बाजार में बिक रहे कई आम रासायनिक पदार्थों की मदद से कृत्रिम रूप से पकाए जा रहे हैं.
Begusarai News : (विकाश मिश्रा) बिहार में गर्मी बढ़ने के साथ ही बेगूसराय के बाजारों में आम की आवक तेज हो गई है. फलों की दुकानों और ठेलों पर आम की बिक्री जोरों पर है, लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बाजार में बिक रहे कई आम रासायनिक पदार्थों की मदद से कृत्रिम रूप से पकाए जा रहे हैं. ऐसे आमों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.
बाजार में बढ़ी आम की मांग, बाहरी राज्यों से हो रही आपूर्ति
फिलहाल पेड़ों पर प्राकृतिक रूप से पकने वाले देसी आम पूरी तरह बाजार में नहीं पहुंचे हैं. मांग को देखते हुए विभिन्न राज्यों से आम मंगाकर बेचे जा रहे हैं. फल कारोबारियों के अनुसार लंगड़ा और दशहरी जैसी किस्मों की बिक्री अधिक हो रही है, जबकि आने वाले दिनों में मालदह, जर्दालू और चौसा जैसे आम भी बाजार में पहुंचेंगे.
जल्दी मुनाफे के लिए केमिकल से पकाए जा रहे फल
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक लाभ कमाने के लिए कुछ कारोबारी आमों को कैल्शियम कार्बाइड जैसे रसायनों से कृत्रिम रूप से पका रहे हैं. इस रसायन से निकलने वाली एसिटिलीन गैस आमों को जल्दी पीला और पका हुआ दिखा देती है, लेकिन फल अंदर से पूरी तरह तैयार नहीं होते.
सेहत पर पड़ सकता है गंभीर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक केमिकल से पकाए गए आमों के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, सिरदर्द, चक्कर, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लगातार ऐसे फलों का सेवन करने से लिवर और किडनी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है.
ऐसे पहचानें प्राकृतिक और केमिकल वाले आम
जानकारों के अनुसार प्राकृतिक रूप से पके आमों में हल्की मीठी खुशबू होती है और उनका रंग एक समान नहीं होता. वहीं कृत्रिम रूप से पकाए गए आम अक्सर चमकीले पीले दिखाई देते हैं तथा कई बार बाहर से पके और अंदर से कच्चे रहते हैं. आम को पानी से भरी बाल्टी में डालकर भी उसकी जांच की जा सकती है. सामान्य रूप से पका आम प्रायः डूब जाता है, जबकि कृत्रिम रूप से पकाया गया आम तैर सकता है.
कीमतें अभी ऊंची, जल्द मिलेगी राहत
व्यापारियों का कहना है कि आम की मांग अधिक और आपूर्ति सीमित होने के कारण फिलहाल कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. हालांकि आने वाले दिनों में विभिन्न किस्मों की आवक बढ़ने से कीमतों में कमी आने की संभावना है.
डॉक्टर ने दी सावधानी बरतने की सलाह
नावकोठी पीएचसी के चिकित्सक डॉ. कुमार अमित ने कहा कि कैल्शियम कार्बाइड से पकाए गए आम स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि आम खरीदते समय सावधानी बरतें और यथासंभव प्राकृतिक रूप से पके हुए फलों का ही सेवन करें. उनके अनुसार प्राकृतिक रूप से पके आम स्वाद, सुगंध और पोषण के मामले में अधिक बेहतर और सुरक्षित होते हैं.
स्वाद के साथ सेहत का भी रखें ख्याल
आम का मौसम लोगों का पसंदीदा समय होता है, लेकिन जल्दबाजी में खरीदे गए केमिकल युक्त फल स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं. इसलिए आम खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और पकने के तरीके पर विशेष ध्यान देना जरूरी है.
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लेखक के बारे में
By Vivek Singh
विवेक सिंह माता सीता की धरती और मिथिला का द्वार कहे जाने वाले समस्तीपुर जिले से आते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले #The_Newsdharma के साथ डिजिटल मीडिया, ग्राउंड रिपोर्टिंग , और न्यूज़ लेखन के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव रहा है. सामाजिक, राजनीतिक, शिक्षा, युवा, महिला सुरक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं. सरल, तथ्यात्मक और प्रभावी लेखन शैली के माध्यम से पाठकों तक महत्वपूर्ण खबरें और मुद्दे पहुंचाने का निरंतर प्रयास करते हैं. NGO अमर शहीद बिपिन सिंह फाउंडेशन के साथ जुड़कर सामाजिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण ,रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर भी कार्य करने का अनुभव हैं.
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