बाजार में छाए केमिकल वाले आम, स्वाद के चक्कर में सेहत बिगड़ रही हैं

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Begusarai News: Mangoes laced with chemicals are dominating the market

सांकेतिक तस्वीर

Begusarai News : बिहार में गर्मी बढ़ने के साथ ही बेगूसराय के बाजारों में आम की आवक तेज हो गई है. फलों की दुकानों और ठेलों पर आम की बिक्री जोरों पर है, लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बाजार में बिक रहे कई आम रासायनिक पदार्थों की मदद से कृत्रिम रूप से पकाए जा रहे हैं.

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Begusarai News : (विकाश मिश्रा) बिहार में गर्मी बढ़ने के साथ ही बेगूसराय के बाजारों में आम की आवक तेज हो गई है. फलों की दुकानों और ठेलों पर आम की बिक्री जोरों पर है, लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बाजार में बिक रहे कई आम रासायनिक पदार्थों की मदद से कृत्रिम रूप से पकाए जा रहे हैं. ऐसे आमों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.

बाजार में बढ़ी आम की मांग, बाहरी राज्यों से हो रही आपूर्ति

फिलहाल पेड़ों पर प्राकृतिक रूप से पकने वाले देसी आम पूरी तरह बाजार में नहीं पहुंचे हैं. मांग को देखते हुए विभिन्न राज्यों से आम मंगाकर बेचे जा रहे हैं. फल कारोबारियों के अनुसार लंगड़ा और दशहरी जैसी किस्मों की बिक्री अधिक हो रही है, जबकि आने वाले दिनों में मालदह, जर्दालू और चौसा जैसे आम भी बाजार में पहुंचेंगे.

जल्दी मुनाफे के लिए केमिकल से पकाए जा रहे फल

विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक लाभ कमाने के लिए कुछ कारोबारी आमों को कैल्शियम कार्बाइड जैसे रसायनों से कृत्रिम रूप से पका रहे हैं. इस रसायन से निकलने वाली एसिटिलीन गैस आमों को जल्दी पीला और पका हुआ दिखा देती है, लेकिन फल अंदर से पूरी तरह तैयार नहीं होते.

सेहत पर पड़ सकता है गंभीर असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक केमिकल से पकाए गए आमों के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, सिरदर्द, चक्कर, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लगातार ऐसे फलों का सेवन करने से लिवर और किडनी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है.

ऐसे पहचानें प्राकृतिक और केमिकल वाले आम

जानकारों के अनुसार प्राकृतिक रूप से पके आमों में हल्की मीठी खुशबू होती है और उनका रंग एक समान नहीं होता. वहीं कृत्रिम रूप से पकाए गए आम अक्सर चमकीले पीले दिखाई देते हैं तथा कई बार बाहर से पके और अंदर से कच्चे रहते हैं. आम को पानी से भरी बाल्टी में डालकर भी उसकी जांच की जा सकती है. सामान्य रूप से पका आम प्रायः डूब जाता है, जबकि कृत्रिम रूप से पकाया गया आम तैर सकता है.

कीमतें अभी ऊंची, जल्द मिलेगी राहत

व्यापारियों का कहना है कि आम की मांग अधिक और आपूर्ति सीमित होने के कारण फिलहाल कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. हालांकि आने वाले दिनों में विभिन्न किस्मों की आवक बढ़ने से कीमतों में कमी आने की संभावना है.

डॉक्टर ने दी सावधानी बरतने की सलाह

नावकोठी पीएचसी के चिकित्सक डॉ. कुमार अमित ने कहा कि कैल्शियम कार्बाइड से पकाए गए आम स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि आम खरीदते समय सावधानी बरतें और यथासंभव प्राकृतिक रूप से पके हुए फलों का ही सेवन करें. उनके अनुसार प्राकृतिक रूप से पके आम स्वाद, सुगंध और पोषण के मामले में अधिक बेहतर और सुरक्षित होते हैं.

स्वाद के साथ सेहत का भी रखें ख्याल

आम का मौसम लोगों का पसंदीदा समय होता है, लेकिन जल्दबाजी में खरीदे गए केमिकल युक्त फल स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं. इसलिए आम खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और पकने के तरीके पर विशेष ध्यान देना जरूरी है.

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विवेक सिंह

लेखक के बारे में

By विवेक सिंह

विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्षों से सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं.

उन्होंने मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. अध्ययन के दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की, जहां उन्हें न्यूजरूम की कार्यप्रणाली, टीवी समाचार निर्माण, स्क्रिप्ट लेखन, विजुअल चयन, फील्ड रिपोर्टिग और प्रसारण प्रक्रिया को नजदीक से समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ.

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इसके साथ ही वे NGO से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं.

वर्तमान में विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है.

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