बेगूसराय में 48 डिग्री तक गर्मी, इंसान ही नहीं पशु-पक्षी भी पानी की बूंद को तरस रहे

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Begusarai News: Heat reaches 48 degrees

सांकेतिक तस्वीर

Begusarai News : जिले में पड़ रही भीषण गर्मी, तेज तपिश और उमस ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. गुरुवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन उमस और गर्म हवाओं के कारण लोगों को करीब 48 डिग्री जैसी गर्मी का एहसास हुआ.

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Begusarai News : (विकास मिश्रा) जिले में पड़ रही भीषण गर्मी, तेज तपिश और उमस ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. गुरुवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन उमस और गर्म हवाओं के कारण लोगों को करीब 48 डिग्री जैसी गर्मी का एहसास हुआ. हालात ऐसे हैं कि दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिखने लगी हैं और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं.

गर्मी का कहर, दोपहर में सड़कों पर छाया सन्नाटा

तेज धूप और उमस के कारण शहर से लेकर गांव तक लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है. दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम आवाजाही देखी जा रही है. लोग घरों और दफ्तरों में ही रहने को मजबूर हैं.

पानी और छांव की तलाश में भटक रहे बेजुबान जीव

भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है. गाय, बछड़े, कुत्ते और अन्य आवारा पशु पानी और छांव की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं. कई जगहों पर उन्हें नालियों और गड्ढों में जमा गंदा पानी पीकर प्यास बुझानी पड़ रही है, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है.

गौरैया, कबूतर और कौओं पर भी संकट

पेड़ों की लगातार कमी और जलस्रोतों के सूखने से पक्षियों के सामने भी अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है. गौरैया, कबूतर, कौआ समेत कई पक्षी गर्मी से बचने के लिए घरों की खिड़कियों, छतों और दुकानों के शेड के नीचे शरण लेते दिखाई दे रहे हैं.

पशु-पक्षियों के लिए आगे आए लोग

गर्मी से राहत पहुंचाने के लिए कई मोहल्लों में लोगों ने अपने घरों और दुकानों के बाहर मिट्टी के बर्तन, बाल्टी और अन्य पात्रों में पानी भरकर रखना शुरू कर दिया है. इससे प्यासे पशु-पक्षियों को काफी राहत मिल रही है और सामाजिक जागरूकता का भी संदेश जा रहा है.

बदलता पर्यावरण बढ़ा रहा संकट

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि हर साल गर्मी की तीव्रता बढ़ती जा रही है. पहले गांवों में अधिक पेड़-पौधे, पोखर और जलस्रोत होने के कारण ऐसी स्थिति कम देखने को मिलती थी, लेकिन तेजी से घटती हरियाली और बदलते पर्यावरण ने हालात को गंभीर बना दिया है.

पशुओं में बढ़ रहा बीमारियों का खतरा

पशु चिकित्सकों के अनुसार अत्यधिक गर्मी के कारण पशुओं में डिहाइड्रेशन, कमजोरी और कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. लगातार बढ़ती गर्मी का असर दुग्ध उत्पादन पर भी पड़ रहा है. वहीं पक्षियों के शरीर में पानी की कमी तेजी से होने के कारण उनके लिए यह मौसम और अधिक चुनौतीपूर्ण बन गया है.

विशेषज्ञों की अपील

विशेषज्ञों ने लोगों से अपने घरों, छतों, आंगन और दुकानों के बाहर पानी की व्यवस्था करने की अपील की है. साथ ही पशुओं को दोपहर की तेज धूप में बांधने से बचने और उन्हें पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की सलाह दी है. उनका कहना है कि छोटे-छोटे प्रयास हजारों बेजुबान जीवों की जान बचा सकते हैं.

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विवेक सिंह

लेखक के बारे में

By विवेक सिंह

विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्षों से सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं.

उन्होंने मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. अध्ययन के दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की, जहां उन्हें न्यूजरूम की कार्यप्रणाली, टीवी समाचार निर्माण, स्क्रिप्ट लेखन, विजुअल चयन, फील्ड रिपोर्टिग और प्रसारण प्रक्रिया को नजदीक से समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ.

पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनमत संग्रह (Public Opinion), सामाजिक मुद्दों की कवरेज और स्थानीय समाचारों के संकलन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करते हुए आम लोगों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य किया है.

इसके साथ ही वे NGO से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं.

वर्तमान में विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है.

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