Begusarai News: सड़क हादसे में किसान की मौत, डायल-112 से कुचलने का आरोप

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प्रशासन से शिकायत करते परिजन

Begusarai News: बेगूसराय के लाखो थाना क्षेत्र में वाजितपुर ढाला के पास सड़क हादसे में 45 वर्षीय किसान रामाशीष भगत की मौत हो गई. परिजनों ने डायल-112 पुलिस वाहन से कुचलने का आरोप लगाया है. सब्जी मंडी से लौटते समय घटना हुई. पुलिस जांच कर रही है और मुआवजे का आश्वासन दिया गया है.

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Begusarai News: बेगूसराय जिले में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 45 वर्षीय किसान रामाशीष भगत की मौत हो गई. परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें डायल-112 पुलिस वाहन ने कुचल दिया, जिसके बाद पुलिस मौके से वाहन लेकर चली गई और घायल को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया.

मृतक की पहचान मटिहानी थाना क्षेत्र के मनियप्पा गांव निवासी रामचंद्र भगत के पुत्र रामाशीष भगत (45) के रूप में की गई है. वे खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे.

कैसे हुआ हादसा

परिजनों के अनुसार, रामाशीष भगत शुक्रवार को सब्जी लेकर खातोपुर मंडी गए थे. वहां से वापस लौटने के दौरान वाजितपुर ढाला के पास सामने से आ रही डायल-112 पुलिस गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी और कुचल दिया.

परिजनों का आरोप

मृतक के भतीजे मुरारी कुमार ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाने के बजाय वाहन लेकर मौके से चली गई. उन्होंने कहा कि यदि समय पर इलाज मिलता तो जान बच सकती थी. राहगीरों ने सड़क पर खून से लथपथ घायल को देखा और उन्हें अस्पताल पहुंचाया. लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.

परिजनों की मांग

मृतक परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे. उनके दो छोटे बच्चे हैं. अचानक हुई इस घटना के बाद परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और घर में कोहराम मचा हुआ है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए.

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही सदर-वन डीएसपी आनंद कुमार पांडेय और ट्रैफिक डीएसपी रंजीत कुमार मौके पर पहुंचे. पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. अधिकारियों ने मामले में उचित कार्रवाई और मुआवजे का आश्वासन दिया है.

घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।

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निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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