रविदास समाज ने लिया मृत्युभोज के बहिष्कार का संकल्प, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चलाएंगे जागरूकता अभियान
रविदास समाज के लोगों ने किया बैठक
Begusarai News : बरौनी में रविदास समाज की बैठक में सात पंचायतों के लोगों ने सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और मृत्यु भोज का पूर्ण बहिष्कार करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है.
Begusarai News : नगर परिषद बरौनी क्षेत्र के वार्ड 20 स्थित दुलरुआधाम पोखर परिसर में रविवार को रविदास समाज की बैठक आयोजित की गयी. शोकहारा-1, फुलवड़िया-1, 2, 3 और बरौनी-1, 2, 3 समेत करीब सात पंचायतों से समाज के लोग बैठक में शामिल हुए. बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, लोगों को जागरूक करने और शिक्षा को बढ़ावा देने पर चर्चा करना था.
शिक्षा और सामाजिक जागरूकता पर दिया जोर
बैठक में समाज में फैली विभिन्न कुरीतियों को दूर करने, तकनीकी एवं सामान्य शिक्षा के विकास पर जोर देने और विशेष रूप से मृत्युभोज का बहिष्कार करने पर विस्तार से चर्चा की गयी. उपस्थित लोगों ने माना कि शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों को दूर करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाया जा सकता है.
सात पंचायतों के लोगों ने लिया मृत्युभोज नहीं करने का संकल्प
बैठक में प्रमोद कुमार दास, शिवकुमार दास, प्रेम कुमार दास, शंभू कुमार दास, सतीश कुमार दास समेत सातों पंचायतों से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने सर्वसम्मति से मृत्युभोज का बहिष्कार करने का संकल्प लिया. साथ ही समाज के अन्य लोगों को भी मृत्युभोज नहीं करने के लिए जागरूक करने का निर्णय लिया गया.
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शोक की घड़ी में सादगी और संवेदना को मिले प्राथमिकता
प्रमोद कुमार दास ने कहा कि इतिहास गवाह है कि सनातन धर्म में समय-समय पर समाज के प्रबुद्ध लोगों और विद्वानों ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद कर बदलाव की दिशा में काम किया है. इसी तरह इस सामाजिक कुरीति के खिलाफ भी सामूहिक प्रयास किया जायेगा. उन्होंने कहा कि बैठक में मौजूद सभी लोग समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने और लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया है कि अपने परिवार में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद मृत्युभोज का आयोजन नहीं करेंगे. शोक की इस घड़ी में सादगी, श्रद्धा और मानवीय संवेदना को प्राथमिकता दी जायेगी.
मृत्युभोज के लिए किसी परिवार पर दबाव नहीं डालने का फैसला
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समाज का कोई व्यक्ति किसी परिवार पर मृत्युभोज आयोजित करने के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दबाव नहीं डालेगा. लोगों ने कहा कि सामाजिक परंपराओं के नाम पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डालने के बजाय शोक की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा होना अधिक महत्वपूर्ण है.
ये लोग रहे मौजूद
बैठक में शिवकुमार दास, प्रेम कुमार दास, प्रमोद कुमार दास, शंभू कुमार दास, रामबदन दास, दिनेश दास, सतीश कुमार दास, अनिल कुमार दास, गौतम कुमार दास, त्रिशूल कुमार दास, रंजीत कुमार दास, दीपक कुमार दास, राजेंद्र कुमार, विनोद कुमार, जीबस कुमार दास, धानेश्वर दास, हरिनंदन दास समेत दर्जनों रविदास समाज के लोग मौजूद रहे.
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