घोषणाओं के मलबे में दब गयी सड़क निर्माण की कवायदतसवीर3- बदहाल पहसारा-बगरस पथतसवीर 3, हाल पहसारा-बगरस पथ पथ, राहगीरों की बढ़ी परेशानी नावकोठी. प्रखंड के पहसारा-बगरस पथ की जर्जरता के कारण हो रही लोगों की पीड़ा की सुधि लेनेवाला कोई नहीं है. यह पथ आज टूट कर गड्ढे में तब्दील हो चुकी है. गाड़ी में बैठे लोगों को हिचकोले खाना व गाड़ी की रफ्तार का कम होना यह दरसाने के लिए काफी है कि अब पहसारा-बगरस पथ पर गाड़ी चल रही है. यह सड़क अपनी जर्जरता के कारण बड़ी दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रही है. 14.95 किलोमीटर आरइओ की यह सड़क एक ओर जहां अनुमंडल से जोड़ने का कार्य करती है, वहीं दूसरी ओर यह सड़क एक जिले से दूसरे जिलों को भी जोड़ती है. इस पथ से खगड़िया, मुंगेर व समस्तीपुर आना-जाना होता है. स्कूली बच्चे भी विद्यालय इसी रास्ते जाते हैं. उनको भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. चुनावी समय में बड़े-बड़े नेता यहां पहुंचे व रोड बनाने की घोषणा की. नेताजी विधायक और सांसद बन गये लेकिन सड़क की स्थिति जस- की- तस बनी रह गयी.क्या हैं ग्रामीण व प्रतिनिधि: सड़क की जर्जरता विकास के नाम पर सरकार की विकास की घोषणा हवा-हवाई नजर आती है. इसलिए विकास की कड़ी से इसे जोड़ा जाना चाहिए. मुक्तिनारायण सिंह, मुखिया, हसनपुर बागर, प्रखंड नावकोठी: दो जिलों को जोड़नेवाली इस सड़क की यह हालत चिंता का विषय है. इसको लेकर आंदोलन की जरूरत है.केशरीनंदन मिश्र, जदयू अध्यक्ष, नावकोठी प्रखंड: पथ की जर्जरता के कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. आनेवाली बड़ी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पथ का पूर्ण निर्माण आवश्यक है.पृथ्वीराज सिंह, पूर्व सरपंच, नावकोठीस्वास्थ्य, शिक्षा सहित अर्थव्यवस्था सुदृढ़ रहे इसके लिए इस पथ का पूर्ण निर्माण आवश्यक है.रीना जायसवाल, अध्यक्ष, मुखिया संघ, नावकोठी प्रखंड
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घोषणाओं के मलबे में दब गयी सड़क नर्मिाण की कवायद
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Prabhat Khabar Digital Desk
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