बीहट : कल्पवास मेले की तीसरी परिक्रमा में उमड़ी भीड़, परिक्रमा को देखने के लिए सड़क के दोनों किनारे उमड़े रहे श्रद्धालु
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :20 Nov 2018 8:10 AM (IST)
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बीहट : कार्तिक शुक्ल देवोत्थान एकादशी के दिन सोमवार को परंपरा और इतिहास को गति देते हुए सिमरिया धाम को प्रगति के पथ पर ले चलने का दायित्व ग्रहण करनेवाले सर्वमंगला के अधिष्ठाता स्वामी चिदात्मनजी महाराज के साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने तीसरी और अंतिम वृहत परिक्रमा पूरी की. हाथी, ऊंट, घोड़े और […]
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बीहट : कार्तिक शुक्ल देवोत्थान एकादशी के दिन सोमवार को परंपरा और इतिहास को गति देते हुए सिमरिया धाम को प्रगति के पथ पर ले चलने का दायित्व ग्रहण करनेवाले सर्वमंगला के अधिष्ठाता स्वामी चिदात्मनजी महाराज के साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने तीसरी और अंतिम वृहत परिक्रमा पूरी की.
हाथी, ऊंट, घोड़े और गाजे-बाजे के साथ सिद्धाश्रम से ठीक नौ बजे निकले परिक्रमा जुलूस में शामिल होने के लिए महिला, पुरुष और बच्चों का हुजूम उमड़ पड़ा. हाथों में धर्म ध्वजा और अरवा चावल, तिल, जौ पूरे परिक्रमा पथ पर छीटते हुए जय राम हरे, जय कृष्ण गाते हुए श्रद्धालुओं को देखने के लिये परिक्रमा पथ के दोनों ओर लोग खड़ रहे.
सबसे बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था दिखी अंतिम परिक्रमा के दौरान : पहली और दूसरी परिक्रमा से बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के बीच सोमवार को तीसरा और अंतिम परिक्रमा संपन्न हुआ. परिक्रमा की सबसे अच्छी बात तो यह थी कि जिला प्रशासन की ओर से सदर एसडीओ संजीव कुमार चौधरी, एएसपी मनोज कुमार तिवारी, डीटीओ राजीव कुमार श्रीवास्तव, डीआरडीए के निदेशक मो राजिक, डीसीएलआर सह मेला मजिस्ट्रेट कुमार धनंजय, राजेश वर्णवाल आदि शामिल हुए.
बरौनी बीडीओ सुनील कुमार और सीओ अजय राज स्वयं परिक्रमा में न सिर्फ शामिल हुए बल्कि पूरी परिक्रमा पूरी भी की और इस दौरान पूरी प्रशासकीय व्यवस्था को संभाले रखा. वहीं चिदात्मन जी महाराज ने प्रशासन की तारीफ की.
सिमरिया धाम को विकसित करने की जरूरत
परिक्रमा के उपरांत श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कहा सिमरिया धाम की तस्वीर बदलने और मानव कल्याण के लिए सबको आगे आना होगा. उन्होंने कहा कि पुनीत कार्तिक महीने में तुला की संक्रांति में सिमरिया धाम में अनादि काल से चली आ रही कल्पवास की विशिष्ट महत्ता है.
देश के तीन विशिष्ट स्थलों में सिमरिया धाम का नाम भी एक है. इसके समग्र विकास के लिए सबसे पहले सिमरिया धाम में स्थायी स्नान घाट, स्थायी शौचालय, सुरक्षा, मार्ग की समुचित व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए स्थायी ठहराव और वाहनों के लिए पड़ाव की व्यवस्था आदि की जरूर है.
जिला प्रशासन ने कहा, सिमरिया धाम को सजाने-संवारने में हर प्रकार का देंगे सहयोग इस अवसर पर सदर एसडीओ संजीव कुमार चौधरी ने कहा सिमरिया धाम के विकास के लिए स्थायी व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्राक्कलन बनाया जा रहा है. इसके लिए डीएम द्वारा एक कमेटी का भी गठन कर दिया गया है. उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही सिमरिया देश और दुनिया में विशिष्ट तीर्थस्थल के रूप जाना जायेगा. एएसपी मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि बीस वर्ष पहले और अब के सिमरिया में काफी अंतर आया है.
सबके मन में सिमरिया के प्रति अगाध श्रद्धा और आस्था है. डीटीओ राजीव कुमार श्रीवास्तव और डीसीएलआर सह मेला मजिस्ट्रेट कुमार धनंजय ने कहा सिमरिया धाम के विकास के लिए जिला प्रशासन काफी गंभीर है. उन्होंने कहा उत्तर बिहार की धरती राष्ट्रकवि दिनकर और सिमरिया गंगा की पावन तट के लिए प्रसिद्ध है. जिला प्रशासन हर संभव सहयोग देने को तत्पर है.
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