कोराना से जंग: प्राइवेट स्कूल एक साथ नहीं ले सकेंगे तीन माह की फीस

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प्राइवेट स्कूल एक साथ तीन माह की फीस लेने के लिये अभिभावकों को बाध्य नहीं कर सकते हैं. फिलहाल उन्हें एक ही माह का ट्यूशन फीस लेना होगा. इसके साथ ही अन्य मदों में लिये जाने वाले खर्च को भी किस्त में अभिभावकों से लेंगे. यह निर्देश शुक्रवार को जिलाधिकारी ने जारी कर दिया है.

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पटना. प्राइवेट स्कूल एक साथ तीन माह की फीस लेने के लिये अभिभावकों को बाध्य नहीं कर सकते हैं. फिलहाल उन्हें एक ही माह का ट्यूशन फीस लेना होगा. इसके साथ ही अन्य मदों में लिये जाने वाले खर्च को भी किस्त में अभिभावकों से लेंगे. यह निर्देश शुक्रवार को जिलाधिकारी ने जारी कर दिया है. इसके साथ ही उन्होंने इन नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी करने का निर्देश दिया है. जिलाधिकारी ने इसकी मॉनीटरिंग करने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी को दिया है. जिलाधिकारी ने कहा कि फीस को लेकर किसी भी प्रकार से अभिभावकों को परेशान नहीं करना है.

ये भी दिये निर्देश

01- छात्रों के हित में स्टडी मटेरियल वीडियो-पीपीटी के रूप में अभिभावक या छात्रों को वाट्सएप, इमेल या स्कूल वेबसाइट से उपलब्ध कराया जाए.

02- किताब का होम टू होम डिलिवरी कराने की व्यवस्था की जाए. इसके लिये आवश्यक वाहन पास के लिये संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी से संपर्क स्थापित किया जा सकता है.

03- वर्तमान परिस्थिति में यदि कोई अभिभावक ट्यूशन फीस भी जमा करने में असमर्थ है, तो उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए और छात्र का नामांकन भी समाप्त नहीं किया जाना चाहिए, साथ ही ऐसे छात्रों को भी स्टडी मैटेरियल अन्य छात्रों की भांति उपलब्ध कराया जाये.

04- विद्यालय प्रबंधन इस अवधि में कर्मियों का ऑनलाइन भुगतान नियमित रूप से करने की व्यवस्था भी करें.

कर्मियों का वेतन या मजदूरी काटी, तो होगी कानूनी कार्रवाई

जिलाधिकारी कुमार रवि ने उद्योगों, दुकानों व वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मियों को लॉकडाउन की अवधि में मालिक द्वारा बिना कोई बिना कोई कटौती के ही सही समय पर वेतन व मजदूरी का भुगतान करने का निर्देश दिया है. अगर किसी स्ंस्थान प्रशासन ने जबरन कटौती की और उनके खिलफ कर्मियों ने शिकायत कर दी तो फिर कानूनी कार्रवाई तय है. इसके साथ ही संस्थान का रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है. इसके साथ ही जो कर्मी किराये का कमरा लेकर रह रहे हैं, उनसे एक माह की अवधि का किराया लेने का दबाव नहीं बनाने का भी निर्देश दिया है. आपसी सहमति से उस माह का किराया मकान मालिक बाद में भी ले सकते है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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