बौंसी के निकेश्वरनाथ मंदिर के पास फेंकी गये इस्तेमाल की सूई व इंजेक्शन

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बौंसी के निकेश्वरनाथ मंदिर के पास फेंकी गये इस्तेमाल की सूई व इंजेक्शन

बांका जिले के बौंसी स्थित ऐतिहासिक निकेश्वरनाथ मंदिर परिसर के आसपास खुले में मेडिकल कचरा फेंके जाने से लोगों में भारी आक्रोश है. मंदिर के समीप इंजेक्शन, इस्तेमाल की गई सुई, दवा की शीशियां और अन्य मेडिकल सामग्री मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है.

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बौसी(बांका )से संजीव पाठक की रिपोर्ट : धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखने वाले निकेश्वरनाथ मंदिर परिसर के आसपास खुले में मेडिकल वेस्ट फेंके जाने का मामला सामने आया है. मंदिर के समीप बड़ी मात्रा में इंजेक्शन, इस्तेमाल की गई सुई, दवा की शीशियां, खाली डिब्बे और अन्य मेडिकल सामग्री बिखरी मिली. रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता और सोशल मीडिया संचालक Nirmal Jha की नजर इस पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की.

श्रद्धालुओं और बच्चों की सुरक्षा पर खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और मवेशी आते-जाते हैं. ऐसे स्थान पर मेडिकल कचरा फेंका जाना बेहद गंभीर लापरवाही है. सबसे चिंता की बात यह रही कि कई इस्तेमाल की गई सुइयों की नीडल बाहर निकली हुई थी, जिससे किसी भी व्यक्ति या जानवर को चोट लग सकती थी.

सरकारी अस्पताल से जुड़ी दवाओं का भी शक

निर्मल झा ने बताया कि फेंकी गई कई दवाइयां ऐसी लग रही थीं, जो सामान्य मेडिकल दुकानों में आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं और आमतौर पर सरकारी अस्पतालों में इस्तेमाल की जाती हैं. इससे यह सवाल भी उठने लगा है कि आखिर इतनी मात्रा में मेडिकल सामग्री मंदिर परिसर तक कैसे पहुंची. उन्होंने स्थानीय लोगों के सहयोग से कुछ कचरे को हटाने का प्रयास भी किया.

संक्रमण फैलने का बढ़ा खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार मेडिकल कचरे को खुले में फेंकना बेहद खतरनाक होता है. इस्तेमाल की गई सुई या इंजेक्शन किसी को चुभ जाए तो हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और अन्य गंभीर संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है. वहीं, जानवर यदि दवाइयों या मेडिकल सामग्री के संपर्क में आते हैं तो उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है.

स्वास्थ्य विभाग के नियमों पर उठे सवाल

खुले में पड़े मेडिकल कचरे से दुर्गंध और प्रदूषण फैलने की भी आशंका बनी रहती है. स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार मेडिकल वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना अनिवार्य है, लेकिन मंदिर परिसर के पास इस तरह कचरा फेंका जाना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है.

प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग

घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए.

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कही जांच की बात

इस मामले में पूछे जाने पर रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी Dr. Sanjeev Kumar ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी. साथ ही मेडिकल कचरा हटाने के लिए कर्मियों को तत्काल भेजने की बात कही गई है.

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Amit Kr Sinha

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