नौ मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में शामिल होकर उठाएं लाभ : प्रधान जिला जज

Published by :SHUBHASH BAIDYA
Published at :23 Apr 2026 11:47 PM (IST)
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नौ मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में शामिल होकर उठाएं लाभ : प्रधान जिला जज

व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित सभागार में गुरुवार को इस वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर प्रधान जिला जज की अध्यक्षता में एक प्रेस वार्ता आयोजित हुई

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बांका.

व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित सभागार में गुरुवार को इस वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर प्रधान जिला जज की अध्यक्षता में एक प्रेस वार्ता आयोजित हुई. मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सत्य भूषण आर्य ने कहा कि 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होगी. विगत कई वर्षो से बांका का स्थान पूरे राज्य में सम्मानजनक रहा है. गत माह आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बांका राज्य में तीसरे पायदान पर रहा था. इस बार आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि राज्य में बांका का स्थान अवब्ल रहे. इसके लिए विभिन्न विभागों के साथ मीटिंग का दौर जारी है. न्यायिक पदाधिकारी, पैनल अधिवक्ता, पीएलवी, शाखा प्रबंधक, खनन पदाधिकारी, डीटीओ, एमवीआई, माप-तौल व श्रम विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मियों के साथ बैठक की जा चुकी है. लोक अदालत में सुलहनीय वादों का निबटारा आसानी से किया जाता है. लोक अदालत में ट्रैफिक चालान, बैंक रिकवरी, मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम, पारिवारिक विवाद, दीवानी एवं फौजदारी मामले, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली-पानी के बिलों तथा राजस्व आदि का निबटारा किया जाएगा. आमजन से अपील की है कि 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर का लाभ उठाएं. कोर्ट में अपने लंबित मामलों को आपसी सहमति से हल करवा लेने में ही फायदा है. वहीं लोक अदालत में आए मामलों में नोटिस भेजकर तामिला कराया जा रहा है. साथ ही जिन्हें नोटिस नहीं मिलता है वह सीधे लोक सेवा प्राधिकार के सचिव से संपर्क कर मामले को लोक अदालत में ला सकते हैं, जहां उन्हें उचित न्याय मिलेगी. जिन वादों में कोर्ट फी भी जमा हुई है, वैसे आवेदकों को कोर्ट फी भी वापस करायी जाएगी. लोक अदालत में आए वादों का सीधी सुनवाई होती है और इसका लाभ पीड़ित को तत्काल मिलता है. लोक अदालत में आये मामलों की सुनवाई का कोई द्वितीय अपील नहीं होता है. लोक सुकून व शांति का जीवन जीते हैं. वहीं वार्ता में मौजूद डीएलएसए सचिव सपना रानी ने कहा कि प्रीलेटिगेशन के चिह्नित 3770 मामलों में से 2800 लोगों को अब तक नोटिस भेजी जा चुकी है. वहीं पोस्ट लेटिगेशन के 3577 मामलों में से 2040 लोगों को नोटिस का तामिला कराया जा चुका है. शेष लोगों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से राष्ट्रीय लोक अदालत में पहुंचकर इसका लाभ उठाने की अपील की है.

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