सभी पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण 31 मार्च तक

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सभी पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण 31 मार्च तक

विभागीय निर्देश पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के सभी पेंशनधारियों का 31 मार्च तक जीवन प्रमाणीकरण कराया जाना है.

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बांका. विभागीय निर्देश पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के सभी पेंशनधारियों का 31 मार्च तक जीवन प्रमाणीकरण कराया जाना है. जानकारी के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के मृत पेंशनधारियों को चिह्नित करते हुए इसे ई-लाभर्थी पोर्टल के डाटाबेस में अपडेट करने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर को एक्टिव मोड में लाया गया है. सीएससी के माध्यम से निःशुल्क जीवन प्रमाणीकरण 22 दिसंबर से आरंभ है. सामाजिक सुरक्षा अंतर्गत मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना एवं बिहार निःशक्तता पेंशन योजनाओं के सभी पेंशनधारियों को आवश्यक रूप से जीवन प्रमाणीकरण कराया जाना है. अभी तक जिले में एक लाख 80 हजार 521 पेंशनधारियों का जीवन प्रमणीकरण किया गया है. सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण नहीं होने के कारण मृत पेंशनधारी की सूचना डाटाबेस में अपडेट नहीं की जा सकी है. विभाग के द्वारा जीवन प्रमाणीकरण के लिए अंतिम तिथि 31 मार्च तक निर्धारित की गयी है, तबतक जीवन प्रमाणीकरण सम्पन्न करा लें. 31 मार्च के बाद केवल उन्हीं पेंशनधारी को पेंशन दिया जायेगा, जिनका प्रमाणीकरण किया गया है. सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों की मृत्यु होने की स्थिति में निम्न कार्रवाई की जानी है 1) यदि किसी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के मृत्यु की सूचना प्राप्त होती है तो उनका मृत्यु प्रमाण-पत्र या मृत पेंशनधारी के परिवार / निकट संबंधी से लिखित रूप में मृत्यु की सूचना प्राप्त की जाय. 2) अगर किसी पेंशनधारी के मृत्यु होने की सूचना प्राप्त होती है एवं उनका मृत्यु प्रमाण-पत्र या परिवार / निकट संबंधी से इसकी पुष्टि नहीं होती है तो ऐसे पेंशनधारियों का पेंशन Stop किया जाय. Stop पेंशनधारियों की सूचना पंचायत भवन एवं अन्य सार्वजनिक स्थल पर प्रकाशित कराया जाय. मृत्यु की पुष्टि के उपरांत ही पेंशनधारियों को ई-लाभार्थी पोर्टल पर Death Mark किया जाय. 3) किसी पेंशनधारी को मृत घोषित कर पेंशन बन्द करने की कार्रवाई संबंधित मामला यदि प्रकाश में आता है तो उक्त मामलों की उच्च स्तरीय जांच करायी जाय, ताकि पेंशनधारियों को अन्य कारणों से परेशान नहीं किया जा सके.

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सुभाष वैद्य

लेखक के बारे में

By सुभाष वैद्य

सुभाष वैद्य प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के बांका कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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