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राशि लेकर घर नहीं बनाने वाले 297 शहरी आवास लाभुकों पर लटकी प्राथमिकी की तलवार

Updated at : 26 Nov 2024 9:31 PM (IST)
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राशि लेकर घर नहीं बनाने वाले 297 शहरी आवास लाभुकों पर लटकी प्राथमिकी की तलवार

राशि लेकर घर नहीं बनाने वाले 297 शहरी आवास लाभुकों पर लटकी प्राथमिकी की तलवार

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प्रभात खबर-खास

– प्रथम किस्त से तृतीय किस्त लेकर भी आवास नहीं बनाने वाले आवास लाभुकों की सूची तैयार- प्राथमिकी दर्ज कर लाभुकों से राशि वसूली के साथ कानूनी कार्रवाई के तहत भेजा जायेगा जेल

फोटो- खबर से संबंधित लोगो लगा देंगे…

प्रतिनिधि, बांका

सरकारी राशि लेकर भी घर नहीं बनाने वाले शहरी लाभुकों पर प्राथमिकी की तलवार लटक गयी है. नगर परिषद अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी अंतर्गत करीब 297 लाभुकों की सूची तैयार की गयी है. जानकारी के मुताबिक, 107 ऐसे लाभुक हैं, जिन्होंने प्रथम किस्त की राशि लेने के बावजूद अबतक आगे आवास का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया है. 105 द्वितीस किस्त प्राप्त कर आवास का निर्माण प्रारंभ नहीं किया है. जबकि, 85 ऐसे लाभुक हैं, जिन्होंने तृतीय किस्त की राशि भुगतान पाकर निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया है. इन सभी को अगली किस्त की राशि पर रोक लगा दी गयी है. साथ ही सभी के विरुद्ध नीलाम पत्र दायर करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है. जल्द ही इन सभी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. साथ ही इनसे राशि की वसूली कानूनी प्रावधान के अनुसार की जायेगी. सरकारी राशि वापस नहीं करने के एवज में इन्हें जेल की हवा तक खानी पड़ सकती है. नगर परिषद बांका की मानें तो वार्ड एक और तीन में ऐसे लाभुकों की संख्या सर्वाधिक हैं जिन्होंने योजना का लाभ लेकर अपना घर नहीं बनाया है. इन सभी को आवास निर्माण के लिए समय-समय पर नोटिस भी भेजा चुका है. बावजूद इन्होंने आवास निर्माण में सुस्ती पकड़ ली है और निर्माण कार्य वाली राशि अन्य कार्यों में खर्च कर दी है.

तीन किस्तों में मिलती है दो लाख की राशि

प्रधानमंत्री आवास निर्माण शहरी के अंतर्गत दो लाख रुपया लाभुकों को दिया जाता है. विभागीय जानकारी के अनुसार लाभुक को वर्क ऑर्डर मिलने के बाद स्वयं की राशि से प्लिंथ तक आवास का निर्माण करना होता है. इसके बाद निर्माण कार्य का जीयो टैगिंग करने के बाद लाभुक को प्रथम किस्त के रुप में 50 हजार रुपये दिये जाते हैं. इसके बाद लाभुक को लिल्टन निर्माण के साथ द्वितीय किस्त के रुप में एक लाख की राशि दी जाती है. इस राशि से ढलाई, प्लास्टर, गेट, खिकड़ी, रंग-रोगन, दरवाजा-खिकड़ी इत्यादि कार्य पूर्ण करने के बाद अंतिम किस्त के रुप से 50 हजार रुपये दी जाती है. कुल दो लाख की राशि लाभुक के सीधे बैंक खाते में भुगतान की जाती है.

कहते हैं अधिकारी

आवास निर्माण नहीं करने वाले लाभुकों के विरुद्ध नीलाम पत्र व प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई शुरु कर दी गयी है. सारी सूची तैयार कर ली गयी है. पूर्व में भी सभी को नोटिस के माध्यम से अधूरा आवास पूर्ण करने को कहा गया था लेकिन, लाभुक योजना के नियम के विरुद्ध काम कर रहे हैं. प्राथमिकी के बाद कानूनी प्रावधान के अनुसार सरकारी राशि की रिकवरी की जायेगी. आवास निर्माण नहीं कर राशि वापस नहीं करने पर संबंधित लाभुक को जेल भी जाना पड़ सकता है.

सुमित्रा नंदन, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, बांका.B

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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