आज सुबह भक्ति के रस में डूबा रहा बांका, भयहरण स्थान में शिव के जयकारे, तो मधुसूदन मंदिर में गूंजे वैदक मंत्र
Published by : AMIT KUMAR SINH Updated At : 10 Jun 2026 9:30 AM
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Banka News : सुबह की पहली किरण के साथ ही शहर का धार्मिक वातावरण पूरी तरह भक्ति में रंग गया जब मंदिरों से गूंजते “हर हर महादेव” और “जय गणेश” के जयकारों ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया. भयहरण स्थान मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों के पट खुलते ही भक्तों का तांता लग गया. धूप-अगरबत्ती की खुशबू, घंटियों की गूंज और मंत्रोच्चार ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया.
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बांका से चंदन कुमार की रिपोर्ट
Banka News : सुबह के समय शहर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली. बाबूटोला पंचमुखी मंदिर, पुरानी ठाकुरबाड़ी, शनि मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना की व्यवस्था की गई थी. मंदिरों के पट खुलते ही भक्त कतारों में दर्शन के लिए प्रतीक्षा करते नजर आए. वातावरण में लगातार गूंजते मंत्रोच्चार और शंख ध्वनि ने श्रद्धा को और गहरा कर दिया. श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा कर अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की. कई भक्तों ने उपवास रखकर भगवान के प्रति आस्था व्यक्त की. मंदिर परिसर में दीपों की रोशनी ने सुबह को और भी आध्यात्मिक बना दिया.विशेष पूजा, महाआरती से माहौल भक्तिमय
दिनेश झा ने बताया कि भयहरण स्थान मंदिर में भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की विशेष पूजा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराई गई. पूरे दिन श्रद्धालु पूजा-अर्चना में लीन रहे और मंदिर परिसर “जय भोलेनाथ” के नारों से गूंजता रहा. संध्या समय आयोजित महाआरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए. दीपों की लौ, घंटियों की आवाज और सामूहिक जयकारों ने माहौल को अत्यंत दिव्य बना दिया. महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं की आंखों में भक्ति और आस्था की झलक साफ दिखाई दी. आरती समाप्त होने के बाद सभी भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया, जिससे सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी मजबूत हुआ.मंदार मंदिर में बही भक्ति की धारा
शहर के साथ-साथ धार्मिक महत्व के अन्य स्थलों पर भी पूजा-अर्चना का क्रम समान रूप से जारी रहा. मधुसूदन मंदिर, मंदार में पूर्व की भांति नियमित पूजा और संध्या आरती का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. मंदिर परिसर में दीपों की पंक्तियाँ और भक्तों के जयकारों ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया. दिनभर अलग-अलग मंदिरों में चल रहे धार्मिक कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि आस्था और परंपरा आज भी समाज को जोड़ने का कार्य कर रही है. संध्या आरती के बाद प्रसाद वितरण के साथ दिनभर चले धार्मिक अनुष्ठानों का समापन हुआ. पूरे शहर में भक्ति और शांति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने श्रद्धालुओं के मन में गहरी आध्यात्मिक अनुभूति छोड़ी.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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