बांका मंडी भाव: ईंधन की महंगाई से माल ढुलाई बढ़ी, दलहन-तिलहन और मसालों की कीमतों में उछाल

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बांका जिले के व्यावसायिक गल्ला मंडियों में इन दिनों खाद्यान्न सामग्री की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है. ईंधन (डीजल-पेट्रोल) की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी के कारण माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टिंग खर्च) बढ़ गया है, जिसका सीधा असर अब आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है और थोक से लेकर खुदरा बाजारों तक में महंगाई का असर दिखने लगा है.

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शनिवार (11 जुलाई) को बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, लंबी दूरी से आने वाले माल के भाड़े में वृद्धि होने के कारण स्थानीय मंडियों में दलहन (दालें), तिलहन, सरसों और मसालों की दरों में काफी तेजी दर्ज की गई है. वहीं दूसरी ओर, गेहूं और मक्का जैसी स्थानीय फसलों के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है.

ट्रांसपोर्टिंग की मार: थोक से खुदरा बाजार तक बढ़ी दरें

बांका के स्थानीय कारोबारियों और थोक विक्रेताओं का कहना है कि बाहरी राज्यों और दूर-दराज के जिलों से आने वाले खाद्यान्न पर ट्रांसपोर्टेशन का खर्च पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है. ईंधन की दरें ऊंची होने से ट्रक चालकों और मालवाहकों ने प्रति क्विंटल भाड़ा बढ़ा दिया है. यही वजह है कि मंडियों में माल की आवक होने के बावजूद लागत मूल्य बढ़ जाने से व्यापारी कम मुनाफे पर काम करने को मजबूर हैं, जिसका अंतिम भार खुदरा ग्राहकों पर पड़ रहा है.

विभिन्न खाद्यान्न की ताजा दरें (प्रति क्विंटल में)

बांका व्यावसायिक मंडी के अनुसार शुक्रवार को प्रमुख अनाजों, दालों और तेलों के न्यूनतम और उच्चतम भाव की सूची नीचे तालिका में दी गई है:

खाद्यान्न का नामन्यूनतम भाव (₹)उच्चतम भाव (₹)
गेहूं2,6002,650
मक्का2,1002,150
चावल मंसुरी3,2503,400
चावल अरवा (मोटा)3,1003,250
चावल बासमती12,50013,500
दाल मसूर5,5506,750
मूंग दाल9,5409,600
अरहर दाल11,00014,500
गोटा चना6,2006,400
गोटा मूंग8,5009,000
पीला सरसों7,3007,550
सरसों तेल (प्रति 15 लीटर)2,0702,470
आलू1,2001,450
प्याज1,8001,900

बासमती और अरहर दाल के तेवर कड़े, हरी सब्जियों में भी उछाल

मंडी विशेषज्ञों के अनुसार, बासमती चावल का भाव ₹13,500 प्रति क्विंटल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जबकि अरहर की दाल भी ₹14,500 प्रति क्विंटल तक बिक रही है, जिससे आम थाली से दाल-चावल का जायका महंगा हो गया है.

ईंधन की कीमतों में जब तक स्थिरता नहीं आती, तब तक माल ढुलाई की दरों में कमी आना मुश्किल है. बाहरी आवक वाले सामान जैसे मसाले, पीला सरसों और दालों की कीमतें आने वाले दिनों में और मजबूत हो सकती हैं. हालांकि, स्थानीय स्तर पर गेहूं और मक्के की आवक ठीक-ठाक रहने से इनमें बहुत ज्यादा उछाल की संभावना फिलहाल नहीं है.

इसके साथ ही रसोई के बजट को प्रभावित करने वाले आलू और प्याज के भाव में भी पिछले सप्ताह की तुलना में हल्की नरमी-गरमी देखी जा रही है. आने वाले दिनों में यदि बारिश के कारण ग्रामीण सड़कों पर परिचालन बाधित होता है, तो स्थानीय मंडियों में आवक प्रभावित होने से कीमतों में एक बार फिर बदलाव (तेजी) देखने को मिल सकती है.


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Madan Kumar

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