भूटान से बाबा बैद्यनाथ धाम तक नंगे पांव कांवर यात्रा, शिवभक्त फिलपिन और पेमोली की आस्था बनी आकर्षण का केंद्र

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शिवभक्त फिलपिन और पेमोली की आस्था बनी आकर्षण

भूटान से आए शिवभक्त दंपति पेमोली और फिलपिन की बाबा बैद्यनाथ धाम तक नंगे पांव कांवर यात्रा श्रावणी मेले में आस्था का अद्भुत नज़ारा पेश कर रही है. चिलचिलाती धूप और तपती सड़क के बावजूद, उनकी महादेव के प्रति अटूट श्रद्धा ने हजारों कांवरियों का ध्यान खींचा है.

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Banka News: बांका जिले के कटोरिया क्षेत्र से गुजर रहे विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला मार्ग पर इस बार आस्था की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हजारों कांवरियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. भूटान से आए शिवभक्त दंपति पेमोली और उनकी पत्नी फिलपिन नंगे पांव अजगैबीनाथ धाम से बाबा बैद्यनाथ धाम की कठिन कांवर यात्रा कर रहे हैं. चिलचिलाती धूप, तपती सड़क और लंबी पैदल यात्रा के बावजूद उनके चेहरे पर थकान नहीं, बल्कि महादेव के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास दिखाई दे रहा है.

तपती सड़क पर नंगे पांव बढ़ते रहे कदम

श्रावणी मेला के दौरान कटोरिया क्षेत्र से गुजरते हुए यह दंपति लगातार बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ता नजर आया. दोनों के कंधे पर कांवर और होंठों पर ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘बोल-बम’ के जयकारे थे.

तपती सड़क और गर्म मौसम के बावजूद उन्होंने जूते-चप्पल का सहारा नहीं लिया. आसपास चल रहे कई श्रद्धालु उनकी आस्था और संकल्प को देखकर प्रभावित हुए और उनसे बातचीत करने के लिए रुकते भी नजर आए.

पिछले वर्ष अकेले आई थीं फिलपिन

प्रभात खबर से बातचीत के दौरान फिलपिन ने बताया कि वह पिछले वर्ष अकेले ही बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर आई थीं. उस यात्रा के अनुभव और बाबा के प्रति गहरी आस्था ने उन्हें इस बार अपने पति को भी साथ लेकर आने के लिए प्रेरित किया.

उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और उसी विश्वास के साथ वे इस बार पति के साथ नंगे पांव पैदल यात्रा कर रही हैं.

पांव में छाले की चिंता नहीं, मन में सिर्फ महादेव

फिलपिन और पेमोली ने बताया कि यात्रा कठिन जरूर है, लेकिन बाबा के नाम का स्मरण उन्हें लगातार आगे बढ़ने की शक्ति देता है. उनके अनुसार जब मन में श्रद्धा और विश्वास होता है तो रास्ते की कठिनाइयां छोटी लगने लगती हैं.

यात्रा के दौरान दोनों लगातार बोलबम और हर-हर महादेव का जयघोष करते रहे, जिससे उनके आसपास चल रहे अन्य कांवरियों का उत्साह भी बढ़ता दिखाई दिया.

श्रावणी मेला की व्यवस्था की सराहना

भूटान से आए इस दंपति ने श्रावणी मेला में की गई व्यवस्थाओं की भी खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि कांवरिया पथ पर पेयजल, विश्राम स्थल और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था अच्छी है, जिससे लंबी पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलती है.

उन्होंने यह भी कहा कि भारत में बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति है.

Banka News: भूटान में भी हैं महादेव के अनेक भक्त

धार्मिक जानकारों के अनुसार भूटान में बौद्ध धर्म प्रमुख है, लेकिन वहां हिंदू धर्म को मानने वाले लोग भी बड़ी संख्या में रहते हैं. महादेव और बाबा बैद्यनाथ के प्रति श्रद्धा रखने वाले कई श्रद्धालु हर वर्ष श्रावणी मेला के दौरान भारत आकर अजगैबीनाथ धाम से बाबाधाम तक की कांवर यात्रा में भाग लेते हैं.

भूटान से आए पेमोली और फिलपिन की यात्रा ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि महादेव की भक्ति किसी देश, भाषा या सीमा की मोहताज नहीं होती. आस्था जब सच्ची होती है तो वह हजारों किलोमीटर दूर से भी भक्तों को बाबा की नगरी तक खींच लाती है.

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दीपक चौधरी

लेखक के बारे में

By दीपक चौधरी

दीपक चौधरी प्रिंट माध्यम में 23 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कटोरिया (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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