बांका : प्रधानमंत्री अवार्ड प्राप्त कर चुके उन्नयन बांका अब पूरे सूबे में लागू होगी. विगत दिनों सीएम ने इसकी हरी झंडी दे दी है. जो बांका के लिए एक स्वर्णिम अवसर जैसा है. डीएम कुंदन कुमार की एक सोच ने सिर्फ बांका की ही नहीं बल्कि पूरे राज्य की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार की मिसाल पेश की है. आज बांका उन्नयन से करीब दर्जनों विद्यालय जुड़ चुके हैं, और करीब दस हजार से अधिक छात्र छात्राएं बांका उन्नयन के तहत मेरा मोबाइल मेरा विद्यालय से जुड़ कर गुणात्मक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं,
इसी कड़ी में डीएम की पहल पर टीसीएस जैसी कंपनी ने पहली बार बांका आकर यहां के युवाओं को प्रशिक्षण देते हुए रोजगार से जोड़ा है. टीसीएस में करीब 60 से अधिक छात्र-छात्राओं को अपने यहां रोजगार दिया है. इसमें रोजगार पाने वाले वैसे छात्र-छात्राएं हैं, जो घर की पहली स्नातक हैं, साथ ही इनमें से कई ग्रामीण व नक्सली क्षेत्र के भी कई होनहार युवक व युवती भी शामिल हैं. इसके अलावे जिले में जल संचय योजना, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ व स्वरोजगार के लिए डेयरी, पॉल्ट्री फार्म, बकरी पालन आदि के लिए भी विशेष पहल की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सके.
एमएसएमडी प्रशिक्षण में बांका के 60 बच्चे चयनित
जिले के 60 अनुसूचित जनजाति के युवक व युवती को पटना में एमएसएमडी की ट्रेनिंग दी जायेगी. छह माह की एक ट्रेनिंग में युवक युवतियों को सर्टिफिकेट कोर्स, सीएमसी ट्रेनिंग, एडवांस वेल्डिंग सहित स्किल डेवलपमेंट आदि का प्रशिक्षण दिया जायेगा. ताकि ये बच्चे आगे चल कर किसी भी रोजगार को चलाने में सक्षम हो. इन सभी बच्चों को सरकारी खर्च पर यह प्रशिक्षण दिया जायेगा. जहां रहने खाने आदि की व्यवस्था सरकार करेगी. आगामी 23 जून को सभी अनुसूचित छात्रों को पटना के लिए जिला प्रशासन रवाना करेगी.
बेमिसाल बांका के तहत कई सेक्टरों में चल रहा है काम
डीएम की पहल पर जिले में बेमिसाल बांका के तहत कई सरकारी योजनाओं में कार्य चल रहा है. जिसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व मनरेगा के तहत जल संचय आदि विभागों में गुणात्मक सुधार की जा रही है. इन विभागों की सक्सेस स्टोरी को जगह मिल रही है. साथ ही जिले वासियों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के हर अवसर का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है. डीएम ने इसको लेकर आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि जिले में इन दिनों स्वास्थ्य विभाग के कार्यों में अमूल चूल परिवर्तन किया जा रहा है. इसी कड़ी में गर्भवती महिलाओं के लिए स्नेह इनेशिएटिव कार्यक्रम चलाया जा रहा है. जिसके अंतर्गत स्नेह दिवस मनाया जाना है,
आशा महीने की 1-3 तारीख तक घर घर जाकर गर्भवती महिलाओं की पहचान करेगी. 4-5 तारीख के बीच आशा फैशिलेटर व डॉक्टर की टीम क्रॉस चेकिंग करेंगे. महीने के प्रत्येक 9 तारीख को प्रत्येक सेंटर पर पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण होगा. गर्भवती महिलाओं को सारे इमोनाइजेशन किया जाना है. डीएम ने आशा व आंगनबाड़ी सेविकाओं को एक रजिस्टर तैयार करने का भी निर्देश दिया है. जिस रजिस्टर में गर्भवती महिलाओं की संस्थागत व होम प्रसव सहित अन्य पूरा ब्योरा रहेगा. शून्य पर रहने वाले आशा व आंगनबाड़ी सेविका नपेंगे, तो बेहतर कार्य करने वाले पुरस्कृत भी होंगे. खास यह भी कि हाइ रिक्स प्रेगनेंसी महिलाओं को चिन्हित किया जाना अतिवश्यक है, ताकि उन्हें विशेष चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध किया जा सके. डीएम ने बताया कि जिले में अप्रैल 2018 को 149 एलेवन सेंटर कार्यरत थे, जो अब बढ़कर 177 हो गयी है. टीकाकरण में बांका लगातार एक प्रथम पायदान पर है.
माध्यमिक स्कूलों में होगा अटल ट्रिकिंग लैब
बेमिसाल बांका के तहत बांका उन्नयन की अगली कड़ी में जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में अटल ट्रिकिंग लैब की स्थापना होगी. जहां बच्चों को खेल ही खेल में वैज्ञानिक अनुसंसाधन से संबंधित जानकारी दी जायेगी. तथा बच्चों को नये अनुसंधान के लिए प्रेरित किया जायेगा. एवं बच्चों में वैज्ञानिक बनने की सोच को भरा जायेगा. नीति आयोग ने उन्नयन बांका के तहत जिले में अटल ट्रिकिंग लैब खोले जाने की आवश्यकता पर बल दिया है. जिसके अंतर्गत रोबोटिक किट, डू इट योर सेल्फ, थ्री प्रिंटरर्स के अलावे खेल खेल में विज्ञान में कुछ खोज करने की ललक बच्चों में पैदा की जायेगी. फिलवक्त जिले के दस उन्नयन बांका के माध्यमिक विद्यालयों में यह योजना लागू की जायेगी.