चिल्ड्रेन पार्क से खत्म हो रही हरियाली, सूख रहीं फूल-पत्तियां
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Apr 2018 6:34 AM (IST)
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गर्मी शुरू होते ही मुरझाने लगे पौधे बांका : शहर के विजयनगर स्थित एक मात्र चिल्ड्रेन पार्क का रखरखाव राम भरोसे है. पार्क की देखभाल सही तरीके नहीं होने की सूरत में दिनों-दिन इसकी हरियाली कम होती जा रही है. मौजूदा समय में गर्मी की मार पार्क पर बेतहाशा जारी है. नतीजतन, एक के बाद […]
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गर्मी शुरू होते ही मुरझाने लगे पौधे
बांका : शहर के विजयनगर स्थित एक मात्र चिल्ड्रेन पार्क का रखरखाव राम भरोसे है. पार्क की देखभाल सही तरीके नहीं होने की सूरत में दिनों-दिन इसकी हरियाली कम होती जा रही है. मौजूदा समय में गर्मी की मार पार्क पर बेतहाशा जारी है. नतीजतन, एक के बाद एक पौधे सूख रहे हैं. पार्क की लाचार हालत में न तो अधिकारी कुछ बोलने को राजी न ही जनप्रतिनिधि. जानकारी के मुताबिक गर्मी बढ़ते ही इसका प्रतिकूल असर पौधे पर पड़ने लगा है. सिंचाई की किल्लत की वजह से पौधे की छोटी-छोटी डालियां, कलियां व पत्ते सभी सूख रहे हैं. यह नहीं करीब आधा दर्जन पौधे पूरी तरह सूख चुके हैं. उसमें जान आना अब असंभव है.
अगर जल्द ही इस पर ध्यान नहीं दिया गया और गर्मी का प्रचंड रूप जारी रहा, तो दस दिन के अंदर एक दर्जन पौधे सूख जाने की आशंका है. पार्क में लगाये गये पौधे में अधिकतर फूल के हैं. ज्ञात हो कि सूबे के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामनारायण मंडल ने पार्क का निर्माण अपने कोष से कराया था. विगत वर्ष काफी सारे पौधे भी लगाये गये. साथ ही पार्क का जीर्णोद्धार किया गया. बच्चों के लिए झूले आदि की भी व्यवस्था की गयी. परंतु पार्क की शोभा फूल-पत्तों से होती है, लेकिन हाल के दिनों में पौधे सूखने के कगार पर है.
शहर का एकमात्र विजयनगर में स्थित पार्क की देखभाल राम-भरोसे
छह माह से है मोटर खराब
पार्क में सिंचाई व्यवस्था नियमित रखने लिए मोटर भी लगाया गया. स्थानीय लोगों के मुताबिक मोटर करीब छह माह से खराब पड़ा है. लिहाजा, छह माह से पौधे में पानी नहीं गया है. ऐसे में पौधे का सूखना लाजिमी है. जबकि दूसरी ओर मोटर की मरम्मत के लिए जनप्रतिनिधि व अधिकारियों ध्यान नहीं दे रहे हैं.
पत्थर के बाट का उपयोग कर ग्राहकों को चूना लगा रहे अधिकतर दुकानदार
वजन की कालाबाजारी चरम पर, कार्यालय के बाहर काम निबटा देते हैं अधिकारी
ठगे जा रहे उपभोक्ता
जिले के हाट-बाजार व शहर की मंडियों तक में उपभोक्ता ठगी के शिकार हो रहे हैं. जानकारी के मुताबिक धड़ल्ले से पत्थर के बने बटखरे का प्रयोग किया जाता है. जांच नहीं होने की सूरत में इसपर कार्रवाई लंबित है. कई ग्राहक को इस बात से तकलीफ भी होती है परंतु वह शिकायत करते तो कहां, क्योंकि कार्यालय का दरवाजा हर वक्त बंद मिलता है. जानकारी के मुताबिक सरकार ने माप-तौल विभाग बाट सत्यापन का भार सौंपा है. परंतु क्षेत्र में जिन वस्तुओं की खरीद बिक्री की जाती है उसका माप तौल यंत्र, का सत्यापन समय-समय पर नहीं होती है. वहीं आंख मूंद कर अनुज्ञप्ति देने का भी सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है.
इलेक्ट्रॉनिक तराजू में भी गड़बड़ी
मौजूदा समय में ज्यादातार दुकान इलेक्ट्रॉनिक तराजू से लेस हो गया है. परंतु माफिया यहां भी हकमारी से बाज नहीं आता है. बताया जाता है कि इलेक्ट्रॉनिक तराजू में भी तकनीकी जुगाड़ बैठाकर कम मात्रा तोलकर ग्राहकों सामग्री बेची जा रही है. किराना दुकान पर बड़े पैमाने पर घपला जारी है. परंतु किसी भी दुकान की जांच नहीं हो रही है.
किसी भी सूरत में वजन में बेमानी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. कई तरह की असुविधा जरुर है. परंतु जल्द ही दुरुस्त कार्रवाई की जायेगी. कार्यालय में कर्मी की काफी कमी है. नवगछिया का भी प्रभार है.
अशोक कुमार अंबष्ठ, माप-तौल अधिकारी, बांका
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