महादेव इंक्लेव का लाइसेंस रद्द, सुरक्षित राशि भी जब्त

Published at :16 Mar 2018 6:47 AM (IST)
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महादेव इंक्लेव का लाइसेंस रद्द, सुरक्षित राशि भी जब्त

बांका : महादेव इंक्लेव का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है. अब यह कंपनी किसी भी घाट से बालू का उत्खनन व आपूर्ति नहीं कर सकती है. लाइसेंस रद्द करने के साथ ही सुरक्षित राशि भी जब्त करने का निर्देश दिया गया है. यह फैसला खनन कमिश्नर कोर्ट ने बुधवार को सुनाया. […]

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बांका : महादेव इंक्लेव का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है. अब यह कंपनी किसी भी घाट से बालू का उत्खनन व आपूर्ति नहीं कर सकती है. लाइसेंस रद्द करने के साथ ही सुरक्षित राशि भी जब्त करने का निर्देश दिया गया है. यह फैसला खनन कमिश्नर कोर्ट ने बुधवार को सुनाया. जानकारी के मुताबिक संबंधित संवेदक पर उत्खनन व पर्यावरण नियम के विरुद्ध बालू उठाव एवं व्यापार का आरोप था. इसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने संबंधित विभाग के पक्ष में फैसला सुना दिया.

ज्ञात हो कि महादेव इंक्लेव का लाइसेंस 2015 से 2019 (पांच वर्ष) तक निर्धारित था, लेकिन बीच में ही दोषी सिद्ध होने पर अविलंब अनुज्ञप्ति को रद्द कर दिया गया. नवंबर 2017 से ही कई आरोप के साथ महादेव इंक्लेव पर प्राथमिकी की कार्रवाई शुरू हो गयी थी. खनन विभाग ने फरवरी में भी कई आरोप लगाकर संवेदक पर मुकदमा दर्ज किया था. इसकी अंतिम सुनवाई केके पाठक की कोर्ट में हुई.

महादेव इंक्लेव का….
18 घाट के निरीक्षण में मिली थी कई खामियां :
विभागीय जांच में महादेव इंक्लेव को अधिकृत बालू घाट पर कई खामियां मिली थी. जानकारी के मुताबिक नवंबर 2017 से10 फरवरी 2018 में करीब दो दर्जन घाट का भौतिक निरीक्षण किया गया था. निरीक्षण के दरम्यान देखा गया कि तय मानक के धता बता कर बालू का उत्खनन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है. यह भी आरोप लगा कि जिस घाट से बालू उठाव जारी था, वहां कहीं भी ऐरो मार्क का पीलर नहीं था. लिहाजा सीमा के बाहर जाकर तय मानक के विरुद्ध बालू उठाव किया जा रहा था.
बालू उठाव के बाद समतलीकरण भी नहीं:
नियम के अनुसार बालू उठाव के बाद नदी घाट के संबंधित स्थल का समतलीकरण करना था, लेकिन समतलीकरण की प्रक्रिया कहीं भी नजर नहीं आयी. वहीं दूसरी ओर अंधाधुंध बालू उठाव से नजदीक के गांव में पानी की किल्लत भी देखी गयी. इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि मानक से कहीं ज्यादा बालू का उठाव कर लिया गया है.
चार वर्षों से बांका की नदियों पर महादेव इंक्लेव का था एकछत्र राज:
महादेव इंक्लेव ने 2015 में बालू घाट का लाइसेंस प्राप्त किया था. आगे इस अनुज्ञप्ति को पांच वर्ष के लिए सुरक्षित कर दिया गया. विधिवत रूप से 26 घाट अधिकृत किये गये थे. शुरुआती दौर से सभी घाट पर संबंधित संवेदक का दबदबा रहा. स्थानीय व बड़े-बड़े माफिया भी इससे जुड़ते गये. इसके साथ ही बालू माफिया का अवैध व्यापार का बड़ा साम्राज्य स्थापित हो गया. बताया जाता है कि हाल में ही योगदान देने वाले खनन पदाधिकारी ने नियम के विरुद्ध कार्य करने को लेकर एक के बाद एक आरोप के साथ विधिवत प्राथमिकी संबंधित संवेदक पर दर्ज करा दी. इसकी सुनवाई में महादेव इंक्लेव का लाइसेंस रद्द कर दिया गया.
खनन नियमावली व पर्यावरण मापदंड का उल्लंघन करने के आरोप में महादेव इंक्लेव का लाइसेंस कोर्ट ने रद्द कर दिया है. अब महादेव इंक्लेव किसी भी घाट से बालू का उत्खनन व प्रेषण नहीं कर सकता है.
महेंद्र पासवान, जिला खनन पदाधिकारी, बांका
कमिश्नर कोर्ट ने जिला खनन पदाधिकारी बांका के पक्ष में सुनाया फैसला
संबंधित संवेदक पर खनन नियम के विरुद्ध बालू उठाव के साथ आपूर्ति का था आरोप
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