बटाईदारों ने रैयती किसानों को छोड़ा पीछे धान िबक्री को दिये 25% अधिक आवेदन

बांका : धान अधिप्राप्ति का समय बिल्कुल करीब है. सहकारिता विभाग तय लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है. इस बार गैर रैयत कृषक की इंट्री ने संभावनाओं को पंख लगा दिया है. रैयती किसानों से अधिक बटाईदार धान अधिप्राप्ति को लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, यह सराहनीय है. धान […]
बांका : धान अधिप्राप्ति का समय बिल्कुल करीब है. सहकारिता विभाग तय लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है. इस बार गैर रैयत कृषक की इंट्री ने संभावनाओं को पंख लगा दिया है. रैयती किसानों से अधिक बटाईदार धान अधिप्राप्ति को लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, यह सराहनीय है.
धान अधिप्राप्ति के लिए प्रतिदिन दर्ज हो रहे ऑनलाइन आवेदन के आंकड़ों पर गौर करें तो बटाईदार के सामने रैयती किसान बहुत पीछे हैं. आंकड़े के मुताबिक गैर रैयत किसानों का 2373 आवेदन स्वीकृत चुके हैं, जबकि रैयत किसानों की संख्या अबतक 1902 के आसपास ही अटकी हुई है. इस आंकड़े ने यह साबित कर दिया है कि जिले में रैयत कृषक की खेती बटाईदार किसान की बुनियाद पर ही टिकी हुई है. दरअसल, जमींदारी प्रथा के वक्त से ही बटाईदार किसान ज्यादातर रैयत किसान की खेती कर रहे हैं. यह प्रथा आज भी यहां कायम है.
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